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एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले को मंदे
Pilibhit
Updated Wed, 25 Nov 2015 11:07 PM IST
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जिले भर में बुधवार को श्री गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारों में भव्य दीवान सजाए गए। संतों ने गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया। पर्व को लेकर गुरुद्वारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
शहर की रणजीत सिंह कालोनी स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में दो दिन पूर्व श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किया गया था। 14 नवंबर से प्रतिदिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। इधर बुधवार को गुरुद्वारे में चल रहे तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का भाग के साथ समापन हो गया। इस दौरान भव्य दीवान सजाया गया।
संतों ने प्रवचन करते हुए कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव ने एक अनूठे धर्म को जन्म दिया, जिसमें गृहस्थ और संयासी एक है। वहीं मनुष्य अपने को सिख कहने का हकदार है, जो गृहस्थ होते हुए संयासी हो, संयासी होते हुए गृहस्थ हो। पोलीगंज से आए कीर्तनी जत्था मनमोहन सिंह ने गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया और उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान अटूट् लंगर भी चला। इसमें तमाम संगत ने पहुंचकर प्रसाद गृहण किया।
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इस मौके पर प्रधान बलवीर सिंह, दीपेंद्र सिंह, भल्लू सिंह, अवतार सिंह, भगवंत सिंह, इकबाल सिंह, हरदेव सिंह, संजय अरोड़ा, त्रिलोचन सिंह, गुरसेवक सिंह, बलजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे। इधर शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित गुरुद्वारा छेंवी पातशाही में भी प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया।
पूरनपुर। गुरुनानक देव के प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में रखे गए तीन दिवसीय श्री अखंड साहिब पाठ का भोग पड़ा। दीवान सजाया गया। इसमें गुरुद्वारा दुख निवारण लुधियाना के जसविंदर सिंह, हजूरी रागी जत्था कुलविंदर सिंह, कथावाचक गुरमीत सिंह ने गुरुनानक देव जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। इस दौरान अटूट लंगर चलता रहा।
बुधवार की शाम को बच्चों ने गुरुवाणी का कीर्तन किया। कार्यक्रम में बलजीत सिंह खैरा, हरविंदर सिंह सन्नी, कश्मीर सिंह, अजीतपाल सिंह, अमरजीत सिंह माटा, मनजिंदर सिंह, रूप सिंह, गुरमंगद सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रगट सिंह आदि मौजूद रहे।
बीसलपुर। स्थानीय गुरुद्वारे में गुरुनानक जयंती के सिलसिले में पिछले तीन दिनों से चल रहे अखंड पाठ का बुधवार को भोग के साथ समापन हुआ। संतों ने गुरुनानक देव के बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। समारोह में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के तमाम संगत ने भाग लिया। पर्व को लेकर गुरुद्वारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रीराम कथा सेवा समिति कार्यालय पर गुरु नानक जयंती कार्यक्रम में भद्रपाल गंगवार, आशीष गुप्ता, अनिल शुक्ला, मनोज त्रिपाठी, सुरेंद्र जायसवाल, चेतन सक्सेना, रविंद्र बाबू मिश्रा, रघुवंश तिवारी, अमित कुमार आदि ने विचार रखे।
माधोटांडा। क्षेत्र में गुरुनानक देव जी का प्रकाशपर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लंगर भी हुआ। इसमें बड़ी तादाद में संगत ने पहुंच कर लंगर छका।
मझोला। गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा में प्रकाश पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। बाबा शेर सिंह ने प्रवचन कर संगत को सतगुरु से जुड़ने की बात कही।
समाजसेवी राजेश राय ने गुरुनानक के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। कहा कि गुरुनानक ने सभी को यही उपदेश दिया कि सत्य के बताए मार्ग पर चलकर ही सतकर्म की प्राप्ति की जा सकती है। ग्रंथी कर्म सिंह ने अरदास की। देर शाम तक लंगर चलता रहा। गुरुद्वारा गिधौर में मुख्य ग्रंथी सुखविंदर सिंह ने अरदास की। इस दौरान गुरुद्वारे परिसर में आतिशबाजी की गई।
गुरुद्वारा सिंह सभा मझारा फार्म, गुरुद्वारा सूरजपुर फार्म, गुरुद्वारा टांडा बिजैसी, गुरुद्वारा सुनपहर फार्म, गुरुद्वारा हुलकरी ढकिया, गुरुद्वारा सिंह लैलपुरी, गुरुद्वारा सिंह सभा डूनीडाम में बाबा सुखविंदर सिंह से अरदास की। इस मौके पर सौदागर सिंह, बलविंदर सिंह, हरपाल सिंह, बलवीर सिह, मंजीत सिंह, अमरीक सिंह, भगवान सिंह, कश्मीर सिंह, गुरमीत सिंह, तेजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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शहर की रणजीत सिंह कालोनी स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में दो दिन पूर्व श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किया गया था। 14 नवंबर से प्रतिदिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। इधर बुधवार को गुरुद्वारे में चल रहे तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का भाग के साथ समापन हो गया। इस दौरान भव्य दीवान सजाया गया।
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संतों ने प्रवचन करते हुए कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव ने एक अनूठे धर्म को जन्म दिया, जिसमें गृहस्थ और संयासी एक है। वहीं मनुष्य अपने को सिख कहने का हकदार है, जो गृहस्थ होते हुए संयासी हो, संयासी होते हुए गृहस्थ हो। पोलीगंज से आए कीर्तनी जत्था मनमोहन सिंह ने गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया और उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान अटूट् लंगर भी चला। इसमें तमाम संगत ने पहुंचकर प्रसाद गृहण किया।
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इस मौके पर प्रधान बलवीर सिंह, दीपेंद्र सिंह, भल्लू सिंह, अवतार सिंह, भगवंत सिंह, इकबाल सिंह, हरदेव सिंह, संजय अरोड़ा, त्रिलोचन सिंह, गुरसेवक सिंह, बलजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे। इधर शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित गुरुद्वारा छेंवी पातशाही में भी प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया।
पूरनपुर। गुरुनानक देव के प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में रखे गए तीन दिवसीय श्री अखंड साहिब पाठ का भोग पड़ा। दीवान सजाया गया। इसमें गुरुद्वारा दुख निवारण लुधियाना के जसविंदर सिंह, हजूरी रागी जत्था कुलविंदर सिंह, कथावाचक गुरमीत सिंह ने गुरुनानक देव जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। इस दौरान अटूट लंगर चलता रहा।
बुधवार की शाम को बच्चों ने गुरुवाणी का कीर्तन किया। कार्यक्रम में बलजीत सिंह खैरा, हरविंदर सिंह सन्नी, कश्मीर सिंह, अजीतपाल सिंह, अमरजीत सिंह माटा, मनजिंदर सिंह, रूप सिंह, गुरमंगद सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रगट सिंह आदि मौजूद रहे।
बीसलपुर। स्थानीय गुरुद्वारे में गुरुनानक जयंती के सिलसिले में पिछले तीन दिनों से चल रहे अखंड पाठ का बुधवार को भोग के साथ समापन हुआ। संतों ने गुरुनानक देव के बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। समारोह में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के तमाम संगत ने भाग लिया। पर्व को लेकर गुरुद्वारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रीराम कथा सेवा समिति कार्यालय पर गुरु नानक जयंती कार्यक्रम में भद्रपाल गंगवार, आशीष गुप्ता, अनिल शुक्ला, मनोज त्रिपाठी, सुरेंद्र जायसवाल, चेतन सक्सेना, रविंद्र बाबू मिश्रा, रघुवंश तिवारी, अमित कुमार आदि ने विचार रखे।
माधोटांडा। क्षेत्र में गुरुनानक देव जी का प्रकाशपर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लंगर भी हुआ। इसमें बड़ी तादाद में संगत ने पहुंच कर लंगर छका।
मझोला। गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा में प्रकाश पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। बाबा शेर सिंह ने प्रवचन कर संगत को सतगुरु से जुड़ने की बात कही।
समाजसेवी राजेश राय ने गुरुनानक के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। कहा कि गुरुनानक ने सभी को यही उपदेश दिया कि सत्य के बताए मार्ग पर चलकर ही सतकर्म की प्राप्ति की जा सकती है। ग्रंथी कर्म सिंह ने अरदास की। देर शाम तक लंगर चलता रहा। गुरुद्वारा गिधौर में मुख्य ग्रंथी सुखविंदर सिंह ने अरदास की। इस दौरान गुरुद्वारे परिसर में आतिशबाजी की गई।
गुरुद्वारा सिंह सभा मझारा फार्म, गुरुद्वारा सूरजपुर फार्म, गुरुद्वारा टांडा बिजैसी, गुरुद्वारा सुनपहर फार्म, गुरुद्वारा हुलकरी ढकिया, गुरुद्वारा सिंह लैलपुरी, गुरुद्वारा सिंह सभा डूनीडाम में बाबा सुखविंदर सिंह से अरदास की। इस मौके पर सौदागर सिंह, बलविंदर सिंह, हरपाल सिंह, बलवीर सिह, मंजीत सिंह, अमरीक सिंह, भगवान सिंह, कश्मीर सिंह, गुरमीत सिंह, तेजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।