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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   No range, no coach, dream of becoming Rajvardhan Rathore

न रेंज, न कोच, सपना राजवर्धन राठौर बनने का

Mon, 18 Sep 2017 07:42 PM IST
समीउद्दीन नीलू  पीलीभीत।
समीउद्दीन नीलू  पीलीभीत। Updated Mon, 18 Sep 2017 07:42 PM IST
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No range, no coach, dream of becoming Rajvardhan Rathore
shooting - फोटो : amar ujala
जिले में उभर रहे नये निशानेबाज 
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जिले में न तो कोई प्राइवेट शूटिंग रेंज है और न ही निशानेबाजी के गुर सिखाने को कोई कोच। बचपन में धनुष बाण व गुलेल से निशाने लगाने के चढ़े शौक यहां के कुछ युवाओं पर ऐसा चढ़ा कि वह नेशनल  शूटर बन गए। ऐसे एक नेशनल शूटर का बेटा भी अपने पिता के पद चिन्हों पर चल पिछले साल नेशनल शूटर होने का गौैरव प्राप्त किया। हाल ही में अलीगढ़ में संपन्न 40वीं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में भी ये पिता-पुत्र निशानेबाजी के झंडे गाड़ कर लौटे हैं।  
निशानेबाजी के शौक में जिले के युवाओं का क्रेज बढ़ रहा है। इन युवाओं के सपनों को पंख लगाने के लिए भले ही यहां शूटिंग रेंज न हो, लेकिन इसके बाद भी उनका सपना ओलंपियाड राजवर्धन सिंह राठौर बनने का है। यही वजह है कि सीमित साधन के साथ वह निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। जिले में कोई निजी रेंज नहीं है। पुलिस लाइन की जो रेंज है वह भी बदहाल है। वहां खुद पुलिस वाले तक अभ्यास नहीं करते। अभ्यास के नाम पर भी रस्म अदायगी होती है। ये बात दीगर है कि कभी समय था जब यहां पुलिसकर्मी हर साल अभ्यास करते थे। अब पुलिस लाइन की इस शूटिंग रेंज में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है।  
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बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्ला 
जिले के दियोरियाकलां निवासी अजय सिंह बचपन में गुलेल और धनुष से बंदर भगाया करते थे। बाद में उन्होंने अपने मामा रज्जू सिंह निशानेबाजी की प्रतियोगिता में भाग लेता देख उन्हें भी निशानेबाजी का शौक हुआ। 1997 में यहां हुई जिला स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में दस में से चार बर्ड किल किया। इसके बाद पीलीभीत टीम से कई प्रतियोगिताएं खेली। 2005 में रिनाल्ड शॉट ऑफ इंडिया के लिए क्वालीफाई किया। चार बार नेशनल खेल चुके हैं। अजय सिंह को देख उनके एकलौते पुत्र दीपेंद्र भदौरिया भी निशानेबाज बन गए हैं। 2015-16 में दीपेंद्र ने नेशनल क्वालीफाई कर ली। वह भी अब नेशनल शूटर बन गया है। हाल ही में अलीगढ़ में संपन्न हुई 40वीं राज्यस्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में पीलीभीत की टीम डबल ट्रैप में तृतीय स्थान पर रही। इस टीम में इन पिता पुत्र के अलावा पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां के भाई शकील अहमद खां उर्फ गुड्डू भी शामिल रहे। इसके अलावा दीपेंद्र भदौैरिया ने ट्रैप शूटिंग में व्यक्ति रूप से तीसरा स्थान  प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।  
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प्री नेशनल के लिए ये चुने गए 
अलीगढ़ में एक सप्ताह पूर्व हुई राज्यस्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में शहर निवासी हम्जा, जावेद अली व तैयब अली ने भी निर्धारित स्कोर अर्जित कर प्री नेशनल के लिए चयनित किए गए। 


प्रतियोगिता हो तो कई बन सकते राजवर्धन राठौर 
जिला स्तर पर शूटिंग प्रतियोगिता कराने के लिए जिला स्तर पर रायफल क्लब है। इसमे काफी धन भी मौजूद है। 90 के दशक में हर साल जिला स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता होती थी। पर अब यह परंपरा अधिकारियों की रुचि न लेन के कारण खत्म होती जा रही है। पिछले दस सालों में मात्र दो बार यह प्रतियोगिता हुई है। यदि यह प्रतियोगिता हर साल हो तो जिले से भी कई राजवर्धन राठौर निकल सकते हैं। 
दीपेंद्र सिंह चौहान, आजीवन सदस्य रायफल क्लब 
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