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एनपीए को आधार मानकर बैंकों के निजीकरण कोई औचित्य नहीं
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पीलीभीत। किसानों और युवाओं के सवालों पर अपनी ही सरकार को घेरने वाले सांसद वरुण गांधी ने अब बैंकों के निजीकरण को औचित्यहीन ठहराने का प्रयास किया है। वह बैंकों के निजीकरण से सहमत नहीं हैं।
पीलीभीत के भाजपा सांसद वरुण गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया। इसमें उन्होंने बैंक कर्मचारियों के दर्द को छुआ है। बैंककर्मियों के आंदोलन से हमदर्दी व्यक्त करते हुए सांसद ने निजीकरण के खिलाफ तेवर दिखाए हैं। उनका कहना है कि एनपीए वसूली में केवल बैंकों की विफलता को आधार मानकर निजीकरण के प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं है। सांसद ने कहा कि वित्त मंत्री से उनकी अपील है कि इससे प्रभावित सभी वर्गों से समग्र वार्ता करने के पश्चात ही बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 पर विचार किया जाए।
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पीलीभीत के भाजपा सांसद वरुण गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया। इसमें उन्होंने बैंक कर्मचारियों के दर्द को छुआ है। बैंककर्मियों के आंदोलन से हमदर्दी व्यक्त करते हुए सांसद ने निजीकरण के खिलाफ तेवर दिखाए हैं। उनका कहना है कि एनपीए वसूली में केवल बैंकों की विफलता को आधार मानकर निजीकरण के प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं है। सांसद ने कहा कि वित्त मंत्री से उनकी अपील है कि इससे प्रभावित सभी वर्गों से समग्र वार्ता करने के पश्चात ही बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 पर विचार किया जाए।
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