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गन्ना कॉलेज के प्रबंधक कोर्ट से नहीं मिली राहत
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:25 PM IST
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गन्ना कृषक महाविद्यालय पूरनपुर के प्रबंधक श्रीकांत सिंह के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर उन्हें राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने सोसाइटी रजिस्ट्रार को तीन माह में जांच करने एवं खातों का संचालन उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से करने के आदेश दिए है।
पूरनपुर गन्ना कृषक महाविद्यालय सहकारी गन्ना समिति के माध्यम से संचालित होता है। समिति का चेयरमैन महाविद्यालय का पदेन प्रबंधक होता है। महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितताएं एवं नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने पर पांच नवंबर को महाविद्यलय अध्यक्ष, डीसीओ राजेश्वर यादव ने गन्ना आयुक्त के निर्देश पर प्रबंधक के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर खाता संचालन पर रोक लगा दी थी। और महाविद्यालय के संचालन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। डीसीओ के इस निर्णय के खिलाफ चेयरमैन कोर्ट पहुंचे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चेयरमैन को कोई राहत नहीं दी है। अलवत्ता फर्म एवं सोसाइटी रजिस्ट्रार को मामले की तीन माह में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच के दौरान गन्ना समिति उपाध्यक्ष व महाविद्यालय कोषाध्यक्ष को संयुक्त हस्ताक्षर से खाता संचालन करने के आदेश दिए हैं। चेयरमैन श्रीकांत सिंह का कहना है कि कोर्ट ने गन्ना अधिकारी की कार्रवाई को गलत बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जबकि जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव के अनुसार कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं मिली है। जांच में मामला सामने आ जाएगा।
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पूरनपुर गन्ना कृषक महाविद्यालय सहकारी गन्ना समिति के माध्यम से संचालित होता है। समिति का चेयरमैन महाविद्यालय का पदेन प्रबंधक होता है। महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितताएं एवं नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने पर पांच नवंबर को महाविद्यलय अध्यक्ष, डीसीओ राजेश्वर यादव ने गन्ना आयुक्त के निर्देश पर प्रबंधक के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर खाता संचालन पर रोक लगा दी थी। और महाविद्यालय के संचालन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। डीसीओ के इस निर्णय के खिलाफ चेयरमैन कोर्ट पहुंचे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चेयरमैन को कोई राहत नहीं दी है। अलवत्ता फर्म एवं सोसाइटी रजिस्ट्रार को मामले की तीन माह में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच के दौरान गन्ना समिति उपाध्यक्ष व महाविद्यालय कोषाध्यक्ष को संयुक्त हस्ताक्षर से खाता संचालन करने के आदेश दिए हैं। चेयरमैन श्रीकांत सिंह का कहना है कि कोर्ट ने गन्ना अधिकारी की कार्रवाई को गलत बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जबकि जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव के अनुसार कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं मिली है। जांच में मामला सामने आ जाएगा।
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