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Pilibhit News: सात गोवंशों की जान जाने के बाद भी चारा घोटाले पर कार्रवाई नहींं
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शनिवार को दोपहर 12बजे तक गोदाम से गायब हरा चारा फोटो संवाद
- फोटो : samvad
बरखेड़ा। मूसेपुर गांव की जिस सात गोवंशों की वृहद गोशाला में माैत हुई थी। उसमें अब भी गोवंशों के लिए हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। घटिया स्तर के भूसा की आपूर्ति एवं पशुओं की मौत के बाद कई जिम्मेदारों के वेतन पर तो रोक लगा दी गई, लेकिन चारा आपूर्ति करने वाली संस्था के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में यह पता चला कि गोशाला में भूसा, हरा चारा और दाना की आपूर्ति करने वाली संस्था की ओर से 17 लाख रुपये के भुगतान का जो बिल दिया गया। उसके साथ जीएसटी नंबर संस्था के बजाय किसी अन्य का है। संस्था ने पांच महीने से गोशाला को भूसा, हरा चारा, दाना आपूर्ति की। इसका भुगतान अब तक नहीं मांगा था।
भुगतान के संबंध में ग्राम पंचायत सचिव रूपेश सिंह ने पूछे जाने पर बताया कि संस्था से भुगतान के लिए कई बार लिखित सूचना दी जा चुकी है। अब संस्था की तरफ से भुगतान के लिए 17 लाख रुपये का जो बिल दिया गया, उस पर जीएसटी नंबर किसी और का था। इस कारण भुगतान से मना कर दिया गया। कोई दूसरा बिल नहीं आया है।
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हरा चारा पेटी आपूर्तिकर्ता राशिद ने बताया कि उसे पांच महीने बीत जाने के बाद एक रुपये का भी संस्था ने भुगतान नहीं दिया। इस कारण होली से पहले से हरा चारा भेजना बंद कर दिया। पशु मित्र ने बताया कि पिछले तीन दिनों में केवल चार क्विंटल हरा चारा आया हैं, जबकि 12 क्विंटल हरा चारा प्रतिदिन आना चाहिए। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके त्यागी का कहना है कि गोशाला का स्थलीय निरीक्षण किया है। दावा किया कि हरा चारा सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। संवाद
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जांच में यह पता चला कि गोशाला में भूसा, हरा चारा और दाना की आपूर्ति करने वाली संस्था की ओर से 17 लाख रुपये के भुगतान का जो बिल दिया गया। उसके साथ जीएसटी नंबर संस्था के बजाय किसी अन्य का है। संस्था ने पांच महीने से गोशाला को भूसा, हरा चारा, दाना आपूर्ति की। इसका भुगतान अब तक नहीं मांगा था।
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भुगतान के संबंध में ग्राम पंचायत सचिव रूपेश सिंह ने पूछे जाने पर बताया कि संस्था से भुगतान के लिए कई बार लिखित सूचना दी जा चुकी है। अब संस्था की तरफ से भुगतान के लिए 17 लाख रुपये का जो बिल दिया गया, उस पर जीएसटी नंबर किसी और का था। इस कारण भुगतान से मना कर दिया गया। कोई दूसरा बिल नहीं आया है।
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हरा चारा पेटी आपूर्तिकर्ता राशिद ने बताया कि उसे पांच महीने बीत जाने के बाद एक रुपये का भी संस्था ने भुगतान नहीं दिया। इस कारण होली से पहले से हरा चारा भेजना बंद कर दिया। पशु मित्र ने बताया कि पिछले तीन दिनों में केवल चार क्विंटल हरा चारा आया हैं, जबकि 12 क्विंटल हरा चारा प्रतिदिन आना चाहिए। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके त्यागी का कहना है कि गोशाला का स्थलीय निरीक्षण किया है। दावा किया कि हरा चारा सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। संवाद