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Pilibhit News: एनएचएम संविदा कर्मियों ने कहा-जल्द पूरी हों मांगें
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पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम सौंपा। कर्मियों ने मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर उ.प्र.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ बीते कई वर्ष से धरना प्रदर्शन कर रहा है। इसके बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। मांगों को लेकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम संजय कुमार सिंह को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कोराेनाकाल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जिंदगी दांव पर लगाकर काम किया था। स्थायी कर्मचारियों के बराबर काम करने से पीछे नहीं रहे। इसके बाद भी उनकी मांगों को नहीं माना जा रहा है। मानदेय कम होने की वजह से संविदा कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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कोरोनाकाल में कई लोगों की असमय मौत हो गई थी। उनके परिजनों को मुआवजा तक नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष देवेंद्र अस्थाना, प्रशांत सक्सेना, गौरव गंगवार, धर्मेंद्र कुमार, अरुण कुमार, अजय यादव आदि मौजूद रहे।
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ये हैं मुख्य मांगें
संविदा कर्मचारियों को उनके निवेदन पर गृह जनपद में तबादला करने, वेतन विसंगति का निस्तारण कर उसे बढ़ाने, डाटा ऑपरेटर को स्वास्थ्य समिति में शामिल करने, सीएचओ का पीबीआई उनके मानदेय में जोड़ने, संविदा एएनएम का मानदेय 25 हजार करने आदि।
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स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर उ.प्र.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ बीते कई वर्ष से धरना प्रदर्शन कर रहा है। इसके बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। मांगों को लेकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम संजय कुमार सिंह को सौंपा।
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ज्ञापन में कहा गया है कि कोराेनाकाल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जिंदगी दांव पर लगाकर काम किया था। स्थायी कर्मचारियों के बराबर काम करने से पीछे नहीं रहे। इसके बाद भी उनकी मांगों को नहीं माना जा रहा है। मानदेय कम होने की वजह से संविदा कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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कोरोनाकाल में कई लोगों की असमय मौत हो गई थी। उनके परिजनों को मुआवजा तक नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष देवेंद्र अस्थाना, प्रशांत सक्सेना, गौरव गंगवार, धर्मेंद्र कुमार, अरुण कुमार, अजय यादव आदि मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
संविदा कर्मचारियों को उनके निवेदन पर गृह जनपद में तबादला करने, वेतन विसंगति का निस्तारण कर उसे बढ़ाने, डाटा ऑपरेटर को स्वास्थ्य समिति में शामिल करने, सीएचओ का पीबीआई उनके मानदेय में जोड़ने, संविदा एएनएम का मानदेय 25 हजार करने आदि।