{"_id":"6a5a751a5a47952a35011951","slug":"newborn-dies-after-delivery-staff-nurses-at-barkheda-chc-accused-of-negligence-pilibhit-news-c-121-1-pbt1010-164392-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: प्रसव के बाद नवजात की मौत, बरखेड़ा सीएचसी की स्टाफ नर्सों पर लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: प्रसव के बाद नवजात की मौत, बरखेड़ा सीएचसी की स्टाफ नर्सों पर लापरवाही का आरोप
Sat, 18 Jul 2026 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से नवजात की मौत का मामला सामने आया है। मृतक नवजात के दादा ने डीएम को शिकायतीपत्र भेजकर बरखेड़ा सीएचसी की लापरवाह स्टाफ नर्सों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर हुक्मी निवासी उमाशंकर गंगवार ने डीएम कार्यालय में दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके पुत्र शिवम कुमार की पत्नी गीता देवी को 27 जून को प्रसव के लिए सीएचसी बरखेड़ा में भर्ती कराया गया था। पहली जांच में जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ बताए गए। पीड़ित उमाशंकर का आरोप है कि 28 जून की रात करीब 12:30 बजे ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने प्रसूता को समय से पहले प्रसव पीड़ा बढ़ाने वाली दवा दे दी, जिससे दर्द लगातार बढ़ता गया।
परिजनों के बार-बार बताने के बावजूद नवजात की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया। सुबह करीब 3:15 बजे पुत्र का जन्म हुआ, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। बाद में जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने कथित रूप से बताया कि समय से पहले प्रसव कराने के कारण नवजात की हालत गंभीर हो गई व उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायती पत्र में परिजनों से अभद्र व्यवहार व पैसे की भी मांग की गई। बरखेड़ा के सीएचसी प्रभारी लोकेश गंगवार का कहना है कि मामले की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेजी है, जिसकी जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर हुक्मी निवासी उमाशंकर गंगवार ने डीएम कार्यालय में दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके पुत्र शिवम कुमार की पत्नी गीता देवी को 27 जून को प्रसव के लिए सीएचसी बरखेड़ा में भर्ती कराया गया था। पहली जांच में जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ बताए गए। पीड़ित उमाशंकर का आरोप है कि 28 जून की रात करीब 12:30 बजे ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने प्रसूता को समय से पहले प्रसव पीड़ा बढ़ाने वाली दवा दे दी, जिससे दर्द लगातार बढ़ता गया।
विज्ञापन
परिजनों के बार-बार बताने के बावजूद नवजात की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया। सुबह करीब 3:15 बजे पुत्र का जन्म हुआ, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। बाद में जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने कथित रूप से बताया कि समय से पहले प्रसव कराने के कारण नवजात की हालत गंभीर हो गई व उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायती पत्र में परिजनों से अभद्र व्यवहार व पैसे की भी मांग की गई। बरखेड़ा के सीएचसी प्रभारी लोकेश गंगवार का कहना है कि मामले की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेजी है, जिसकी जांच चल रही है।
विज्ञापन