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Pilibhit News: हाथियों के कॉरिडोर को मिलेगी नई राह, कब्जामुक्त जमीन पर शुरू हुआ पौधरोपण

Sat, 20 Jun 2026 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:33 AM IST
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New path for elephant corridor; tree plantation begins on reclaimed land.
शारदा पार क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद
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कलीनगर। शारदा नदी के पार वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में रही टाइगर रिजर्व की भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू होने से हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर के फिर से जीवंत होने की उम्मीद जगी है। टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा खाली कराई गई भूमि पर सामाजिक वानिकी विभाग ने पौधरोपण और घेराबंदी का कार्य शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे लग्गा भग्गा और शुक्ला फांटा के बीच हाथियों की आवाजाही का मार्ग अधिक सुरक्षित होगा और उनका आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटकाव भी कम हो सकेगा।
शारदा पार क्षेत्र कभी घने जंगलों से आच्छादित था। नेपाल से आने वाले जंगली हाथियों के लिए यह इलाका स्वाभाविक आवागमन मार्ग माना जाता था। समय के साथ आबादी बढ़ी और खेती का विस्तार हुआ तो वन भूमि पर अतिक्रमण भी बढ़ता चला गया। जंगलों की कटाई और खेती के फैलाव के कारण हाथियों का प्राकृतिक कॉरिडोर धीरे-धीरे सिमटने लगा।
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वर्ष 1989 की भीषण बाढ़ के बाद शारदा पार क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां तेजी से बदलीं। कई बस्तियां प्रभावित हुईं और लोगों ने आसपास के वन क्षेत्रों में बसना शुरू कर दिया। इसके बाद वन भूमि पर कब्जों का दायरा बढ़ता गया। इसका असर हाथियों की आवाजाही पर भी पड़ा और वे अपने पारंपरिक मार्गों से भटककर अन्य जंगलों तथा आबादी के नजदीक पहुंचने लगे।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में हाथियों की गतिविधियों में बदलाव साफ दिखाई दिया है। नेपाल सीमा से आने वाले हाथी अब पहले की तरह सहज रूप से शारदा पार क्षेत्र का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। कई बार उन्हें दूसरे रास्तों की तलाश में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। वर्तमान में भी कुछ हाथी लंबे समय से क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं, जबकि अन्य हाथी समय-समय पर जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में देखे जाते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। प्रथम चरण में रमनगर क्षेत्र के आसपास वन भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। इसके बाद सामाजिक वानिकी विभाग ने वहां पौधरोपण शुरू कर दिया है। खाली कराई गई भूमि का सीमांकन कर पिलर लगाने और घेराबंदी का कार्य भी कराया जा रहा है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पौधरोपण का काम जारी है।

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महिलाओं ने शारदा पार पहुंचकर किया हंगामा
सीमांकन कार्य से नाखुश क्षेत्र की महिलाएं बड़ी संख्या में एकत्र होकर शारदा नदी के पार पहुंचीं और हंगामा किया। वन विभाग ने अधिकारियों ने एसएसबी सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। इसके बाद समझा बुझाकर महिलाओं को वापस भेजा।
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