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‘नारियां जाग जाएं तो स्वत: बदल जाएगा युग’
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2016 11:32 PM IST
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नारी सम्मान
- फोटो : पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
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महिला सशक्तिकरण को लेकर सोमवार को आधी आबादी ने एक प्लेटफॉर्म पर आकर अपने अधिकारों की वकालत की। समाज में महिला सशक्तिकरण लाने के लिए पुरानी सोच बदलने की बात भी कही। मौका था अमर उजाला फाउंडेशन और उत्तर प्रदेश शासन के साझा कार्यक्रम नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान विषयक संगोष्ठी का। इस दौरान वुमन पॉवर हेल्पलाइन और मतदाता पुनरीक्षण अभियान की जागरूकता को स्टॉल भी लगाए गए।
सोमवार को बेनहर पब्लिक स्कूल के एरिना ऑडिटोरियम में हुई गोष्ठी का शुभारंभ डीएम मासूम अली सरवर, एसपी मुनिराज, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, पद्मा चंद्रा, डॉ. रश्मिप्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि दुनिया में नारी शक्ति श्रेष्ठ है। महिलाओं के उत्थान को सरकार ने कई व्यवस्थाएं बनाई हैं। समाज में उनका मान-सम्मान बढ़े और वे खुद को कहीं भी पुरुषों से कमतर न समझें, इसके लिए कानूनों में बदलाव किए हैं। महिला सशक्तिकरण पर डीएम ने कहा, समाज को बदलने का काम घर से ही शुरू होता है। माना कि पुरुष प्रधान समाज में कुछ कमियां है, लेकिन उन्हें एक सहयोगी के तौर पर देखा जाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि एसपी मुनिराज ने कहा कि महिला अपराधों पर नजर डाली जाए तो इनमें घरेलू हिंसा का ग्राफ सबसे ऊपर है। इन पर अगर नियंत्रण रखना है तो महिलाओं को खुद जागरूक और सक्षम होना होगा। हालात का सामना करने के लिए वे खुद का तैयार करें। इस दौरान उन्होंने पॉक्सो एक्ट, वुमन पॉवर हेल्पलाइन 1090 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देने के साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं क ो पात्रों तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामले तब रुकेंगे जब इसके खिलाफ घर से ही आवाज बुलंद की जाएगी। तभी स्थिति में सुधार होगा। इससे पूर्व अमर उजाला के जीएम सुप्रियो दास गुप्ता ने अतिथियों को बुके भेंट किए। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों की जानकारी भी दी। संचालन जेसीआई के मंडलीय पदाधिकारी नितिन कौशिक ने किया। गोष्ठी में लीना बेलाल, मनप्रीत सिंह संधू, अर्चना त्रिपाठी ने भी अपनी राय व्यक्त की।
इनकी रही मौजूदगी
एसपीएस संधू, परविंदर सिंह सैहमी, प्राचार्य डॉ. आरसी वाजपेई, मोनिका बंसल, नीता मोदी, कंचन सक्सेना, मंजुला अग्रवाल, करिश्मा सैहमी, सवीना, सीमा हाशमी, आसमां नदीम, सुप्रित कौर, संध्या सक्सेना, हरमेश संधू, मिथिलेश पांडेय, शाहीन, साबिर, जिला उपभोक्ता फोरम की पूर्व सदस्य फिरदौस जहां, दिनेश कुमारी, दिव्या, मोहम्मद अतहर, सैयदा साबिर, शबाना, फरहत समेत बड़ी तादाद में छात्राएं, महिलाएं मौजूद रहीं।
आधी आबादी ने बेबाकी से रखी अपनी बात
आधी आबादी को भी मंथन की जरूरत
पीलीभीत के राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली पद्मा चंद्रा ने कहा कि आज के दौर में महिलाएं बेशक न्याय, त्याग की मूर्ति हैं, लेकिन आधी आबादी को भी कुछ मंथन करने की जरूरत है। महिलाओं का पहनावा ऐसा हो कि उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाए।
नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ स्वास्थ्य भी जरूरी
शहर की प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि प्रकाश ने नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ स्वास्थ्य को भी जोड़ने की वकालत की। कहा, आज भी ग्रामीण परिवेश की 88 फीसदी महिलाएं अपनी पीड़ा नहीं कह पाती हैं। इसके लिए हर तबके को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।
हक चुनने का अधिकार खुद के पास रखें
19 पीबीटीपी 29
बेनहर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रंजीत सैहमी ने महिलाओं से स्वाबलंबी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। अपना हक पाने और कॅरयिर चुनने का अधिकार वे अपने पास रखें।
सुरक्षा, सम्मान के लिए खुद करें प्रयास
पुष्प इंस्टीट्यूट की छात्रा राशिका शर्मा ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए महिलाएं खुद प्रयास करें तो बेहतर होगा। इसके लिए दूसरों पर निर्भर रहना ठीक नहीं। नारी का सम्मान बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर नारियों ने अपना परचम फहराया है।
शिक्षा सबसे बड़ा सम्मान
वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज की खेल शिक्षिका अनीता जोशी ने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा सम्मान है, लेकिन बोलने और साक्षर बनने से ही हमारी उन्नति संभव नहीं। हमेें स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
सम्मान की खातिर आगे बढ़ें महिलाएं
एलाइंस क्लब की प्रथम महिला अध्यक्ष मधु कुमार ने अपने जीवन संघर्ष से रूबरू कराते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाएं अबला नहीं बल्कि सबला बन चुकी हैं। महिलाएं अपने सम्मान की खातिर आगे बढ़ें तभी तस्वीर बदल सकती है।
नारी सम्मान सर्वोपरि
बेनहर पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुनीता गुप्ता ने नारी सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जब नारी का सम्मान होगा, तभी देश की तरक्की होगी। इसके लिए आत्मविश्वास, स्वावलंबन और स्वाभिमान बेहद जरूरी है।
महिला पुलिस ने लगाया स्टॉल
नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान संगोष्ठी के दौरान महिला पुलिस ने ऑडिटोरियम के बाहर स्टॉल लगाकर महिलाओं और छात्राओं को वुमन पॉवर हेल्पलाइन 1090 आदि की जानकारी दी। महिला थाने की एसओ अनुपम सिंह ने छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए।
मतदाता पुनरीक्षण काउंटर पर रही भीड़
अमर उजाला एवं प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम के दौरान मतदाता पुनरीक्षण काउंटर भी लगाया गया। तमाम लोगों ने पहुंचकर नए नाम जोड़ने, गलत नाम कटवाने अथवा संशोधन कराने आदि की जानकारी प्राप्त की। तहसीलदार विमल शुक्ल, निर्वाचन अधिकारी पीके जौहरी, दीपेंद्र जौहरी समेत तहसील प्रशासन की टीम मौजूद रही।
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सोमवार को बेनहर पब्लिक स्कूल के एरिना ऑडिटोरियम में हुई गोष्ठी का शुभारंभ डीएम मासूम अली सरवर, एसपी मुनिराज, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, पद्मा चंद्रा, डॉ. रश्मिप्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि दुनिया में नारी शक्ति श्रेष्ठ है। महिलाओं के उत्थान को सरकार ने कई व्यवस्थाएं बनाई हैं। समाज में उनका मान-सम्मान बढ़े और वे खुद को कहीं भी पुरुषों से कमतर न समझें, इसके लिए कानूनों में बदलाव किए हैं। महिला सशक्तिकरण पर डीएम ने कहा, समाज को बदलने का काम घर से ही शुरू होता है। माना कि पुरुष प्रधान समाज में कुछ कमियां है, लेकिन उन्हें एक सहयोगी के तौर पर देखा जाना चाहिए।
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विशिष्ट अतिथि एसपी मुनिराज ने कहा कि महिला अपराधों पर नजर डाली जाए तो इनमें घरेलू हिंसा का ग्राफ सबसे ऊपर है। इन पर अगर नियंत्रण रखना है तो महिलाओं को खुद जागरूक और सक्षम होना होगा। हालात का सामना करने के लिए वे खुद का तैयार करें। इस दौरान उन्होंने पॉक्सो एक्ट, वुमन पॉवर हेल्पलाइन 1090 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देने के साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं क ो पात्रों तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामले तब रुकेंगे जब इसके खिलाफ घर से ही आवाज बुलंद की जाएगी। तभी स्थिति में सुधार होगा। इससे पूर्व अमर उजाला के जीएम सुप्रियो दास गुप्ता ने अतिथियों को बुके भेंट किए। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों की जानकारी भी दी। संचालन जेसीआई के मंडलीय पदाधिकारी नितिन कौशिक ने किया। गोष्ठी में लीना बेलाल, मनप्रीत सिंह संधू, अर्चना त्रिपाठी ने भी अपनी राय व्यक्त की।
इनकी रही मौजूदगी
एसपीएस संधू, परविंदर सिंह सैहमी, प्राचार्य डॉ. आरसी वाजपेई, मोनिका बंसल, नीता मोदी, कंचन सक्सेना, मंजुला अग्रवाल, करिश्मा सैहमी, सवीना, सीमा हाशमी, आसमां नदीम, सुप्रित कौर, संध्या सक्सेना, हरमेश संधू, मिथिलेश पांडेय, शाहीन, साबिर, जिला उपभोक्ता फोरम की पूर्व सदस्य फिरदौस जहां, दिनेश कुमारी, दिव्या, मोहम्मद अतहर, सैयदा साबिर, शबाना, फरहत समेत बड़ी तादाद में छात्राएं, महिलाएं मौजूद रहीं।
आधी आबादी ने बेबाकी से रखी अपनी बात
आधी आबादी को भी मंथन की जरूरत
पीलीभीत के राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली पद्मा चंद्रा ने कहा कि आज के दौर में महिलाएं बेशक न्याय, त्याग की मूर्ति हैं, लेकिन आधी आबादी को भी कुछ मंथन करने की जरूरत है। महिलाओं का पहनावा ऐसा हो कि उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाए।
नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ स्वास्थ्य भी जरूरी
शहर की प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि प्रकाश ने नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ स्वास्थ्य को भी जोड़ने की वकालत की। कहा, आज भी ग्रामीण परिवेश की 88 फीसदी महिलाएं अपनी पीड़ा नहीं कह पाती हैं। इसके लिए हर तबके को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।
हक चुनने का अधिकार खुद के पास रखें
19 पीबीटीपी 29
बेनहर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य रंजीत सैहमी ने महिलाओं से स्वाबलंबी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। अपना हक पाने और कॅरयिर चुनने का अधिकार वे अपने पास रखें।
सुरक्षा, सम्मान के लिए खुद करें प्रयास
पुष्प इंस्टीट्यूट की छात्रा राशिका शर्मा ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए महिलाएं खुद प्रयास करें तो बेहतर होगा। इसके लिए दूसरों पर निर्भर रहना ठीक नहीं। नारी का सम्मान बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर नारियों ने अपना परचम फहराया है।
शिक्षा सबसे बड़ा सम्मान
वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज की खेल शिक्षिका अनीता जोशी ने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा सम्मान है, लेकिन बोलने और साक्षर बनने से ही हमारी उन्नति संभव नहीं। हमेें स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
सम्मान की खातिर आगे बढ़ें महिलाएं
एलाइंस क्लब की प्रथम महिला अध्यक्ष मधु कुमार ने अपने जीवन संघर्ष से रूबरू कराते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाएं अबला नहीं बल्कि सबला बन चुकी हैं। महिलाएं अपने सम्मान की खातिर आगे बढ़ें तभी तस्वीर बदल सकती है।
नारी सम्मान सर्वोपरि
बेनहर पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुनीता गुप्ता ने नारी सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जब नारी का सम्मान होगा, तभी देश की तरक्की होगी। इसके लिए आत्मविश्वास, स्वावलंबन और स्वाभिमान बेहद जरूरी है।
महिला पुलिस ने लगाया स्टॉल
नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान संगोष्ठी के दौरान महिला पुलिस ने ऑडिटोरियम के बाहर स्टॉल लगाकर महिलाओं और छात्राओं को वुमन पॉवर हेल्पलाइन 1090 आदि की जानकारी दी। महिला थाने की एसओ अनुपम सिंह ने छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए।
मतदाता पुनरीक्षण काउंटर पर रही भीड़
अमर उजाला एवं प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम के दौरान मतदाता पुनरीक्षण काउंटर भी लगाया गया। तमाम लोगों ने पहुंचकर नए नाम जोड़ने, गलत नाम कटवाने अथवा संशोधन कराने आदि की जानकारी प्राप्त की। तहसीलदार विमल शुक्ल, निर्वाचन अधिकारी पीके जौहरी, दीपेंद्र जौहरी समेत तहसील प्रशासन की टीम मौजूद रही।