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बोर्ड की बैठक में ईओ की मनमानी पर सभासद भड़के, किसी भी प्रस्ताव पर नहीं हो सकी चर्चा
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पीलीभीत। नगरपालिका परिषद की बोर्ड की बैठक में सभासदों ने ईओ की मनमानी पर जमकर हंगामा किया। हंगामे के चलते किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। सभासदों का आरोप था कि ईओ मनमाने ढंग से काम कर रहे है। टैक्स में बढ़ोतरी और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने से पहले जलकर और गृहकर जमा करने के बाद ही क्षेत्रीय अमीन की रिपोर्ट के बाद प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश ईओ का गलत है।
नगरपालिका सभागार दोपहर बाद करीब तीन बजे पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। इसमें सबसे पहले टैक्ट को लेकर चर्चा हुई। सभासदों ने ईओ पर आरोप लगाते हुए गलत ढंग से बढ़ोत्तरी का आरोप लगाया। कहा कि पहले जलकर दस फीसदी और गृहकर पांच फीसदी जाता था। बोर्ड ने गृहकर में पांच फीसदी वृद्धि कर दी। जबकि नियमानुसार बोर्ड ने कबर्ड क्षेत्र के आधार पर टैक्स पास किया गया था। इसे ईओ ने मनमानी तरीके से टैक्स विभाग द्वारा मानक से हटकर टैक्स जारी कर दिया। इससे शहरवासियों पर टैक्स का भारी बोझ पड़ने लगा है। इसका विरोध सभासदों ने कहा कि जिस आधार पर बोर्ड ने टैक्स पास किया है। उसी के आधार पर टैक्स लागू किया जाए।
अमृत योजना के तहत शहर में जो पानी की पाइप लाइन डाली गई है। उसमें घरों में पानी की सप्लाई के लिए कनेक्शन तो दे दिया, मगर तक टोटी नहीं लगाई गई है। पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क को भी अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। इस पर सभासदों ने नगरपालिका द्वारा जल निगम को देय होने पर रोक लगाने की मांग की। इस पर ईओ ने सभासदों को आश्वासन देते हुए कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही जलनगर को भुगतान किया जाएगा।
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शहर के सभी वार्डों में लड़खड़ाई विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग को रखते हुए हंगामा शुरू किया था। कहा कि छह माह में सिर्फ एक वार्ड का पांच लाइट दी गईं है। जो नाकाफी साबित हो रहीं है। जबकि सावन के माह में सभी वार्डों में अंधेरा बना रहता है। सभासदों ने 25-25 लाइटों की मांग की है। इससे विद्युत व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
नगरपालिका बोर्ड की बैठक में हमेशा नगर स्वास्थ्य अधिकारी कभी नहीं आते है। सभासदों का कहना था कि अब सभी बोर्ड की बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की मौजूद रहनी चाहिए।
बाद में सभी सभासदों सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर के सभी वार्डों में कर्मचारियों की कमी के चलते सफाई नहीं हो पा रही है। इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। इस हंगामे के लेकर किसी भी मुख्य प्रस्ताव पर चर्चा नही हो सकी। बैठक में ईओ सुरेंद्र प्रताप, संजीव सक्सेना, देवी सिंह, उमा मिश्रा, पुष्पा उपाध्याय, वतनदीप, आलोक, राजकुमार आसिफ, जगननाथ, अवतार सिंह मोनू समेत सभी सभासद मौजूद रहे।
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नगरपालिका सभागार दोपहर बाद करीब तीन बजे पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। इसमें सबसे पहले टैक्ट को लेकर चर्चा हुई। सभासदों ने ईओ पर आरोप लगाते हुए गलत ढंग से बढ़ोत्तरी का आरोप लगाया। कहा कि पहले जलकर दस फीसदी और गृहकर पांच फीसदी जाता था। बोर्ड ने गृहकर में पांच फीसदी वृद्धि कर दी। जबकि नियमानुसार बोर्ड ने कबर्ड क्षेत्र के आधार पर टैक्स पास किया गया था। इसे ईओ ने मनमानी तरीके से टैक्स विभाग द्वारा मानक से हटकर टैक्स जारी कर दिया। इससे शहरवासियों पर टैक्स का भारी बोझ पड़ने लगा है। इसका विरोध सभासदों ने कहा कि जिस आधार पर बोर्ड ने टैक्स पास किया है। उसी के आधार पर टैक्स लागू किया जाए।
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अमृत योजना के तहत शहर में जो पानी की पाइप लाइन डाली गई है। उसमें घरों में पानी की सप्लाई के लिए कनेक्शन तो दे दिया, मगर तक टोटी नहीं लगाई गई है। पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क को भी अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। इस पर सभासदों ने नगरपालिका द्वारा जल निगम को देय होने पर रोक लगाने की मांग की। इस पर ईओ ने सभासदों को आश्वासन देते हुए कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही जलनगर को भुगतान किया जाएगा।
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शहर के सभी वार्डों में लड़खड़ाई विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग को रखते हुए हंगामा शुरू किया था। कहा कि छह माह में सिर्फ एक वार्ड का पांच लाइट दी गईं है। जो नाकाफी साबित हो रहीं है। जबकि सावन के माह में सभी वार्डों में अंधेरा बना रहता है। सभासदों ने 25-25 लाइटों की मांग की है। इससे विद्युत व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
नगरपालिका बोर्ड की बैठक में हमेशा नगर स्वास्थ्य अधिकारी कभी नहीं आते है। सभासदों का कहना था कि अब सभी बोर्ड की बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की मौजूद रहनी चाहिए।
बाद में सभी सभासदों सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर के सभी वार्डों में कर्मचारियों की कमी के चलते सफाई नहीं हो पा रही है। इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। इस हंगामे के लेकर किसी भी मुख्य प्रस्ताव पर चर्चा नही हो सकी। बैठक में ईओ सुरेंद्र प्रताप, संजीव सक्सेना, देवी सिंह, उमा मिश्रा, पुष्पा उपाध्याय, वतनदीप, आलोक, राजकुमार आसिफ, जगननाथ, अवतार सिंह मोनू समेत सभी सभासद मौजूद रहे।