{"_id":"6499e0186a9a9fe4ec03bfe4","slug":"mughal-era-bareilly-and-kotwali-door-will-be-protected-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-185-2023-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: मुगलकालीन बरेली और कोतवाली दरवाजा होगा संरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: मुगलकालीन बरेली और कोतवाली दरवाजा होगा संरक्षित
Tue, 27 Jun 2023 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 27 Jun 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
शहर में स्थित कोतवाली दरवाजा। संवाद
पीलीभीत। शहर में मुगलकाल में बनीं इमारतों को अब सरकार के संरक्षण की जरूरत है। अधिवक्ता शिवम कश्यप की लगातार मांग पर पुरातत्व विभाग ने अब बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजा को संरक्षण में लेने की बात कही है।
शहर समेत जिले में कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं, लेकिन संरक्षण और देखभाल के अभाव में ये खस्ताहाल होती जा रही हैं। इन इमारतों के संरक्षण के लिए अधिवक्ता शिवम कश्यप ने पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा था। इसमें बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजा सहित अन्य इमारतों को संरक्षित करने की मांग की गई थी। अधिवक्ता की इस मांग पर पुरातत्व विभाग ने सहमति जता दी है।
अधिवक्ता को भेजे गए पत्र में उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी रामविनय ने कहा है कि शहर में स्थित बरेली दरवाजा, पुरानी तहसील और कोतवाली दरवाजा में कुछ सरकारी दफ्तरों का संचालन हो रहा हैं। बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजे को उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग परामर्शदात्री समिति की अगली बैठक में संरक्षित करने के लिए अधिग्रहण करना प्रस्तावित है। इस दशा में दोनों इमारतों को जल्दी पुरातत्व विभाग अपने संरक्षण में लेने की कवायद शुरू करेगा। बता दें कि बरेली दरवाजा एवं कोतवाली दरवाजा समेत चार दरवाजों का निर्माण 1734 ईसवी में मुगल सूबेदार अली मोहम्मद खान ने कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर समेत जिले में कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं, लेकिन संरक्षण और देखभाल के अभाव में ये खस्ताहाल होती जा रही हैं। इन इमारतों के संरक्षण के लिए अधिवक्ता शिवम कश्यप ने पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा था। इसमें बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजा सहित अन्य इमारतों को संरक्षित करने की मांग की गई थी। अधिवक्ता की इस मांग पर पुरातत्व विभाग ने सहमति जता दी है।
विज्ञापन
अधिवक्ता को भेजे गए पत्र में उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी रामविनय ने कहा है कि शहर में स्थित बरेली दरवाजा, पुरानी तहसील और कोतवाली दरवाजा में कुछ सरकारी दफ्तरों का संचालन हो रहा हैं। बरेली दरवाजा और कोतवाली दरवाजे को उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग परामर्शदात्री समिति की अगली बैठक में संरक्षित करने के लिए अधिग्रहण करना प्रस्तावित है। इस दशा में दोनों इमारतों को जल्दी पुरातत्व विभाग अपने संरक्षण में लेने की कवायद शुरू करेगा। बता दें कि बरेली दरवाजा एवं कोतवाली दरवाजा समेत चार दरवाजों का निर्माण 1734 ईसवी में मुगल सूबेदार अली मोहम्मद खान ने कराया था।
विज्ञापन