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Pilibhit News: एक हजार से अधिक मृतकों के नाम हैं विद्युत कनेक्शन

Sat, 01 Jun 2024 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2024 02:49 AM IST
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More than a thousand dead people have electricity connections in their names
बीसलपुर। ऊर्जा निगम के अधिकारियों की अनदेखी से इस तहसील क्षेत्र में एक हजार से अधिक मृतकों के नाम विद्युत कनेक्शन चल रहे हैं। नियमानुसार मृतकों के नाम विद्युत कनेक्शन नहीं हो सकते। परिवार के अन्य व्यक्ति के नाम उनका स्थानांतरण होना जरूरी है।
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ऊर्जा निगम के अभिलेखों के अनुसार इस तहसील क्षेत्र में कुल 1.49 लाख विद्युत कनेक्शन हैं। बताया जाता है कि इनमें एक हजार से अधिक कनेक्शन ऐसे हैं, जो मृतकों के नाम चल रहे हैं।
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विद्युत अधिनियम के अनुसार मृतकों के नाम पर विद्युत कनेक्शन नहीं चल सकते। ऊर्जा निगम अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बीच कुछ लोगों ने निगम के अधिकारियों से बार शिकायत भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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इन उपकेंद्रों के अंतर्गत चल रहे हैं कनेक्शन
बीसलपुर ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र, नगर विद्युत उपकेंद्र, बिलसंडा विद्युत उपकेंद्र, बरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र, ईंट गांव विद्युत उपकेंद्र, करेली विद्युत उपकेंद्र और दियोरिया विद्युत उपकेंद्र।

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इन स्थानों पर चल रहे हैं कनेक्शन
बीसलपुर नगर, बिलसंडा, बरखेड़ा, पौटाकला, रसायाखानपुर, खमरिया पंडरी, मीरपुर वाहनपुर, पहाड़गंज, बमरौली, ज्योरह कल्याणपुर, टिकरी, जोगीठेर, दियोरिया, मधवापुर, ईंटगांव, करेली, भीकमपुर आदि।

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यह है नियम

नियमानुसार विद्युत उपभोक्ता के मृत होते ही उनके घर वालों को इसकी सूचना समीपवर्ती विद्युत उपकेंद्र पर उसी दिन देनी चाहिए। इसके बाद यथा शीघ्र सारी औपचारिकता पूरी कर कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित करा लेना चाहिए।

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उपभोक्ता भी करते हैं लापरवाही
आमतौर पर मृतक कनेक्शन धारकों के परिवार वाले भी लापरवाही करते हैं। वे लोग मृतक कनेक्शन धारकों के नाम आने वाले बिजली के बिल तो समय पर जमा कर देते हैं, लेकिन मरने की सूचना देने और कनेक्शन अपने नाम कराने से कतराते हैं।

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मीटर रीडर चाहे तो रुक सकती है अनियमितता

मीटर रीडर यदि चाहे तो यह अनियमितता रुक सकती है, लेकिन वे इस मामले में कोई रुचि नहीं लेते। मीटर रीडर घरों पर जाते हैं और मीटर की रीडिंग लेकर चले आते हैं।

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कनेक्शन स्थानांतरित कराने से बचते हैं लोग
विद्युत कनेक्शन दूसरे के नाम स्थानांतरित कराने में लोगों को काफी झमेले झेलने पड़ते हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्हें तहसील कार्यालय से शपथ पत्र भी बनवाना पड़ता है। मृतकों केे नाम चल रहा बिजली का पूरा बिल जमा करना पड़ता है। संभवत: इन्हीं झमेलों से बचने के लिए लोग मृतक की सूचना देने और कनेक्शन अपने नाम करवाने से बचते हैं।


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अधिकतर लोग घरों में चलने वाले विद्युत कनेक्शनों के धारकों की मौत की सूचना समीपवर्ती विद्युत उपकेंद्र पर दे देते हैं। प्रत्येक माह इस प्रकार के कई प्रार्थना पत्र आते हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर ऐसी सूचना विद्युत उपकेंद्र पर नहीं देते। इस वजह से कुछ मृतकों के नाम भी कनेक्शन चलते रहते हैं। ऐसा कोई मामला जानकारी में आने पर मृतक के नाम से कनेक्शन उसके वारिस के नाम स्थानांतरित कर दिया जाता है।
- जितेेंंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम
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