फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   medical team late arrives in hospital

चार घंटे नहीं आई स्वास्थ्य टीम तो सीएचसी से लौटे 12 मजदूर

Thu, 23 Apr 2020 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 01:50 AM IST
विज्ञापन
medical team late arrives in hospital
बरखेड़ा। अयोध्या से एक दिन पहले घर लौटे 12 मजदूर बुधवार सुबह जांच और सैंपल के लिए जिला अस्पताल ले जाने के लिए सीएचसी पर चार घंटे तक इंतजार करते रहे। जब मुख्यालय से एंबुलेंस लेकर टीम नहीं आई तो यह सब एक-एक कर बिना जांच कराए ही चले गए। ऐसे में पुलिस को उनकी तलाश में लगाया गया, पता चलने पर ग्राम प्रधान के पति उन सभी को लेकर शाम को एक वाहन से लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया।
विज्ञापन

बरखेड़ा थाना क्षेत्र के पलियामाफी गांव के रहने वाले 12 लोग अयोध्या में गन्ना सेंटर पर मजदूरी करने गए थे। सेंटर बंद होने के बाद वे सब लॉकडाउन में वहीं फंस गए। इसके बाद कई दिन पहले पैदल ही अपने घर के लिए चल दिए। मंगलवार रात अपने गांव पलिया माफी आ गए। रात भर अपने घर में रुके। दूसरे दिन बुधवार सुबह आठ बजे प्रधान के कहने पर वे सब अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए सीएचसी पहुंचे। सीएचसी पर कर्मचारियों ने इनके नाम पते नोट किए। बाद में इनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। उसके बाद उन्हें सीएचसी के बाहर बैठा दिया गया। सैंपल लेने के लिए सभी को जिला अस्पताल भेजा जाना था। चूंकि सीएचसी पर कोई वाहन की व्यवस्था नहीं है, इसलिए मुख्यालय से एंबुलेेंस बुलवाई गई। मजदूर सीएचसी गेट पर जमीन पर बैठकर एंबुलेंस आने का इंतजार करने लगे। चार घंटे बाद भी जब कोई एंबुलेंस उन्हें लेने नहीं आई तो सभी 12 मजदूर वहां से एक-एककर अपने गांव चले गए।
विज्ञापन

सीएचसी कर्मचारी जब बाहर आए तो 12 मजदूरों में से किसी को वहां बैठा न देखकर चौंक गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और इनके बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस गांवों में जाकर तलाश में जुट गई। पता चलने पर प्रधानपति लालाराम वर्मा इन सभी 12 मजदूरों को टाटा लोडर वाहन से शाम करीब पांच बजे सीएचसी लेकर पहुंचे। तब जाकर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। मजदूरों ने बताया कि काफी देर तक सीएचसी में बैठने के बाद जब कोई सुध लेने नहीं आया तो उन्हें लगा कि जांच पूरी हो चुकी है। इसलिए वह वापस गांव चले गए थे। पूछताछ के बाद सभी मजदूरों को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएचसी पर स्क्रीनिंग कराने वालों की भीड़ रहती है। अयोध्या से आए सभी 12 लोगों से कहा गया था कि उनकी स्क्रीनिंग कर ली गई है। वे बाहर बैठकर एंबुलेंस आने का इंतजार करें। मगर, वह एक-एक कर खिसक लिए। शाम को दोबारा सीएचसी लाए जाने पर जिला अस्पताल भेज दिया गया। -डॉ. एसके सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
गोंडा से घर लौटे 30 लोगों को किया क्वारंटीन
माधोटांडा। गोंडा में गन्ना सेंटर पर मजदूरी कार्य करने गए मान थाना क्षेत्र के मल्लपुर गांव के 30 लोग बुधवार को ट्रक से घर लौटे। सूचना मिलते ही एसडीएम ने ट्रक को माधोटांडा में रोक लिया। इसके बाद उन्हें सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर विनीत यादव और एसएस वर्मा की टीम ने उनकी स्क्रीनिंग की। बिना अनुमति लाने पर ट्रक को सीज कर दिया गया। सभी को कलीनगर स्थित शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया है।
सवालों के घेरे में आई रैपिड किट से ही हुई थी कोटा से लौटे छात्रों की जांच
पीलीभीत। रैपिड किट की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद इस किट से जांच पर रोक लगा दी गई है। जिले में कोटा से आए 78 छात्र-छात्राओं की जांच भी इसी रैपिड किट से की थी। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस पर रोक लगा दी है।
शासन द्वारा कोरोना संबंधी जांच के लिए जनपद को 300 रैपिड किट मुहैय्या कराई गई थीं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इसमें 75 रैपिड किट बरेली भेज दी गई थीं। जबकि 103 किट से कोटा (राजस्थान) से आए छात्र-छात्राओं की जांच की गई। इसके बाद इन सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया। इधर रैपिड किट की रिपोर्ट में मिल रहे अंतर को लेकर कई राज्यों द्वारा सवाल खड़ा करने के बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने रैपिड किट के प्रयोग पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने भी रैपिड किट का प्रयोग बंद कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के पास 122 रैपिड किट शेष बची है।
आईसीएमआर द्वारा रैपिड किट के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग से भी रैपिड किट का प्रयोग अग्रिम आदेश तक रोका गया है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
अमरिया। दिल्ली समेत अन्य जनपदों से 27 लोग अमरिया के अलग-अलग गांवों में पहुंचे। जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी का सैंपल लेने के बाद क्वांरटीन वार्ड में 14 दिन के लिए रखा है।

कोविड-19 के संक्रमण को लेकर दूसरे जिलों से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर क्वारंटीन करने का काम लगातार जारी है। वर्तमान में 115 लोग 14 दिन की निगरानी में क्वारंटीन वार्ड में रखे गए हैं। उधर अमरिया क्षेत्र में कुछ लोगों के दिल्ली समेत अन्य जिलों से आने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छानबीन शुरू कर दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र गंगवार ने बताया कि अमरिया क्षेत्र के गांव टोडरपुर में आठ लोग मध्यप्रदेश से आए हैं। इसके अलावा गांव उडऱा में दो लोग इंदौर से, भिखारीपुर में पांच लोग दिल्ली से , हिमकरनपुर में नौ लोग अलीगढ़ से, अमखेड़ा में दो लोग और चका गांव में दिल्ली से एक व्यक्ति आया है। सभी की स्क्रीनिंग कर उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया था। वहां सभी 27 लोगों का सैंपल लिया गया है। सैंपलिंग के बाद इन सभी को स्थानीय क्वारंटीन वार्ड में रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed