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मनरेगा में एक लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने की तैयारी
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पीलीभीत। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में अब एक लाख से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए 18 विभागों ने 10.05 करोड़ रुपए की कार्ययोजना तैयार की है। इन्हें मनरेगा में धन आवंटित किया जाएगा। फिर ये विभाग 15 जून से काम शुरू कराएंगे। रोजगार देने में नए जॉबकार्ड धारक और प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कोविड-19 संक्रमण के चलते 23 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया था। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश में कमाई करने वाले जनपद के अधिकांश श्रमिक उस समय बेरोजगार हो गए, जब इन जगहों पर बड़ी कंपनियों के अलावा फैक्ट्रियों और कारखानों ने भी लॉकडाउन में काम बंद कर दिया। जब श्रमिकों के सामने भुखमरी की स्थिति आने लगी तो बड़ी संख्या में प्रवासी पैदल, साइकिल, बाइक या जिस साधन से भी बन पड़ा, किसी तरह चलकर जनपद में आ गए। यहां पर 30 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी श्रमिकों को उनके स्किल का आकलन करके स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना प्रदेश स्तर पर बना रखी है। उन्हें खाने पीने की दिक्कत न हो, इसके लिए राशन किटों को वितरण किया जा रहा है। मगर, अब प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों के जॉबकार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा में काम देने की योजना तैयार की है। इसके लिए 18 विभागों को मनरेगा कन्वर्जेंस में धन आवंटित किया जा रहा है। यह विभाग अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करके जॉबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराएंगे।
मनरेगा से होंगे अधिकांश योजनाओं के काम
अधिक से अधिक श्रमिकों को काम मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विभिन्न विभागों के कंवर्जेंस से मनरेगा में कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। जनपद में 18 विभागों ने अपनी कार्य योजना बनाकर सौंपी है। डीडीओ योगेंद्र पाठक ने बताया कि मनरेगा में 10.05 करोड़ रुपए की कन्वर्जेंस कार्ययोजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना में 18 सरकारी विभाग शामिल हैं। इसमें 481 कार्य शामिल किए गए हैं। प्राक्कलन और मस्टरोल बनाकर जल्द ही काम शुरू करा दिए जाएंगे।
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इन विभागों की रहेगी सहभागिता
मनरेगा कन्वर्जेंस में टाइगर रिजर्व, सामाजिक वानिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, शारदा सागर खंड, बाढ़ खंड, हेड वक्र्स खंड, भूमि संरक्षण विभाग, लघु सिंचाई, उद्यान विभाग, रेशम विभाग शामिल किए गए हैं।
74 हजार श्रमिक कर रहे हैं काम
जनपद में मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में 74 हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। 700 से अधिक ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है। इसमें प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग 10 हजार बताई गई है।
अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल सके, इसको लेकर मनरेगा कन्वर्जेँस प्लान तैयार किया गया है। विभागों द्वारा अपने प्रस्ताव बनाकर दिए गए हैं। जल्द ही कार्ययोजना के अनुसार मनरेगा में कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। मनरेगा कामों में प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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कोविड-19 संक्रमण के चलते 23 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया था। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश में कमाई करने वाले जनपद के अधिकांश श्रमिक उस समय बेरोजगार हो गए, जब इन जगहों पर बड़ी कंपनियों के अलावा फैक्ट्रियों और कारखानों ने भी लॉकडाउन में काम बंद कर दिया। जब श्रमिकों के सामने भुखमरी की स्थिति आने लगी तो बड़ी संख्या में प्रवासी पैदल, साइकिल, बाइक या जिस साधन से भी बन पड़ा, किसी तरह चलकर जनपद में आ गए। यहां पर 30 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी श्रमिकों को उनके स्किल का आकलन करके स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना प्रदेश स्तर पर बना रखी है। उन्हें खाने पीने की दिक्कत न हो, इसके लिए राशन किटों को वितरण किया जा रहा है। मगर, अब प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों के जॉबकार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा में काम देने की योजना तैयार की है। इसके लिए 18 विभागों को मनरेगा कन्वर्जेंस में धन आवंटित किया जा रहा है। यह विभाग अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करके जॉबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराएंगे।
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मनरेगा से होंगे अधिकांश योजनाओं के काम
अधिक से अधिक श्रमिकों को काम मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विभिन्न विभागों के कंवर्जेंस से मनरेगा में कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। जनपद में 18 विभागों ने अपनी कार्य योजना बनाकर सौंपी है। डीडीओ योगेंद्र पाठक ने बताया कि मनरेगा में 10.05 करोड़ रुपए की कन्वर्जेंस कार्ययोजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना में 18 सरकारी विभाग शामिल हैं। इसमें 481 कार्य शामिल किए गए हैं। प्राक्कलन और मस्टरोल बनाकर जल्द ही काम शुरू करा दिए जाएंगे।
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इन विभागों की रहेगी सहभागिता
मनरेगा कन्वर्जेंस में टाइगर रिजर्व, सामाजिक वानिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, शारदा सागर खंड, बाढ़ खंड, हेड वक्र्स खंड, भूमि संरक्षण विभाग, लघु सिंचाई, उद्यान विभाग, रेशम विभाग शामिल किए गए हैं।
74 हजार श्रमिक कर रहे हैं काम
जनपद में मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में 74 हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। 700 से अधिक ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है। इसमें प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग 10 हजार बताई गई है।
अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल सके, इसको लेकर मनरेगा कन्वर्जेँस प्लान तैयार किया गया है। विभागों द्वारा अपने प्रस्ताव बनाकर दिए गए हैं। जल्द ही कार्ययोजना के अनुसार मनरेगा में कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। मनरेगा कामों में प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम