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कुपोषण से जूझ रहा है मेनका गांधी का संसदीय क्षेत्र

Thu, 15 Feb 2018 06:45 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत Updated Thu, 15 Feb 2018 06:45 PM IST
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Maneka's constituency under malnutrition effects
maneka gandhi - फोटो : maneka gandhi
केंद्रीय बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के जिले के बच्चों में कुपोषण पांव पसारता जा रहा है। मौजूदा समय में जिले में करीब 38 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इसमें से 12,699 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में आते हैं। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि ये वे आंकड़े हैं जो वजन दिवस पर कराए गए सर्वे में सामने आए हैं। सूत्रों की मानें तो हकीकत में कुपोषण के शिकार बच्चों की संख्या इससे कहीं अधिक है। केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय पोषण मिशन योजना को अधिकारी किस तरह पलीता लगा रहे हैं, इसका खुलासा वजन दिवस पर आए परिणामों से हो गया है। कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार के सभी प्रयास नाकाम साबित होते दिख रहे हैं। इस रिकार्ड से यह साबित हो रहा है कि प्रशासन के पोषण पर कुपोषण भारी है। बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने यह अभियान चलाया। जिसमें वजन दिवस के अवसर पर जिले भर के शून्य से लेकर पांच साल तक के बच्चों का वजन किया गया। इसके तहत एक मानक तय किया गया। कितने साल के बच्चे के लिए कितना वजन होने पर बच्चा सामान्य होगा। कितना वजन होने पर कुपोषित तथा कितने पर अति कुपोषित होगा। जनवरी माह में वजन दिवस पर हुई तौल के बाद 12,699 बच्चे अति कुपोषित और 25882 बच्चे कुपोषित पाए गए थे। यानी कुल मिलाकर 38521 बच्चों में कुपोषण के लक्षण मिले हैं। तमाम दावे किए जाने के बाद भी कुपोषित बच्चों की संख्या में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिल रहा है। 
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 एक वर्ष में 200 बच्चों का इलाज 
कुपोषण मिटाने के लिए जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित है। मौजूदा समय में 11 बच्चों का इसमें इलाज चल रहा है। गर्भवती महिलाओं की सेहत का भी ख्याल रखते हुए उनको भोजन दिया जा रहा है। जनवरी 2017 से अब तक लगभग 200 बच्चों का इलाज किया जा चुका है। इसके बावजूद कुपोषित बच्चाों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। 
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कर्मचारी भी हैं लापरवाह 
जिले में 1923 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। महिला एवं बाल विकास की केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र होने के बाद भी कई आंगनबाड़ी केंद्र पर कर्मचारी नदारद रहते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण में इस बात का खुलासा हो चुका है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात स्टॉफ भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। 
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वजन दिवस की रिपोर्ट 
0 से 5 वर्ष के बच्चों की संख्या - 194522 
192036 का वजन हुआ 
153252 समान्य मिले 
25822 कुपोषित बच्चे 
12,699 अतिकुपोषित बच्चे
 
 जो बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं उनकी बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास विभाग की तरफ से किया जा रहा है। एएनएम के माध्यम से सीएचसी, पीएचसी पर भेज कर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। शासन द्वारा प्रदान की जानी वाली हर सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। 
अरविंद कुमार ,प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
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