फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Maneka did not take good care, nine more animals died

मेनका ने नहीं ली सुध, नौ और पशुओं की मौत 

Mon, 03 Apr 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Mon, 03 Apr 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
Maneka did not take good care, nine more animals died
मेनका ने नहीं ली सुध, नौ और पशुओं की मौत
पशु प्रेम के लिए देश दुनिया में विख्यात केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र में उन्हीं के प्रयासों से बनी गोशाला में मौजूद गोवंशीय पशुओं को न भरपेट चारा मिल रहा है न ही शुद्ध पानी। अमर उजाला ने 23 मार्च को गोशाला के बदतर हालातों को उजागर करते हुए एक खबर छापी थी। बावजूद इसके भूख से तड़पते इस संजीदा मामले में केंद्रीय मंत्री ने कोई सुध नहीं ली। नतीजतन पिछले दस दिनों में पांच गाय और चार बैलों ने भूख और इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। सोमवार को अमर उजाला टीम जब ताजा हालात का जायजा लेने फिर से पहुंची तो यह मामला उजागर हुआ। गोशाला में अभी भी आधा दर्जन अन्य पशु बेसुध पड़े मौत से जंग करते दिखाई दिए। यह हाल तब है जब गोरखनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और सूबे की सत्ता संभालते ही गोरक्षा पर बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं। मेनका गांधी के प्रयासों से जिला मुख्यालय से माधोटांडा मार्ग पर पांच किमी दूर करीब चार एकड़ जमीन में 1996 में बनाई गई इस पशुशाला में पल रहे पशुओं की दुर्दशा का अमर उजाला ने 23 मार्च को खुलासा किया था। इसके बाद प्रबंधतंत्र की ओर से दो चार दिन तक तो कुछ व्यवस्थाएं ठीक करने की कोशिश की गईं, लेकिन सोमवार को दस दिन बाद अमर उजाला टीम के मौके पर पहुंचने पर हालात लगभग पहले जैसे ही मिले। पशुशाला की इमरजेंसी कहे जाने वाले एक कक्ष में आधा दर्जन पशु बेसुध पड़े जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। पशु शाला का स्टॉफ कुछ दूर बने अस्पताल के बाहर कुर्सी मेज लगाए बैठा आपस में बातें कर रहा था। टीम को देख सभी हरकत में आ गए। आनन-फानन में कुछ कर्मचारी इमरजेंसी कक्ष में दवा इंजेक्शन ले कर पहुंचे और अंतिम सांसें गिन रहे आधा दर्जन गौवंशीय पशुओं को ताकत और दर्द से निजात का इंजेक्शन लगाने लगे। 200 पशुओं की क्षमता वाले इस पशुशाला में सोमवार करीब सवा पांच सौ पशु मौजूद थे। क्षमता से अधिक पशु यहां होने के कारण आधे से अधिक पशु तेज धूप में सूखा भूंसा खा रहे थे। 
विज्ञापन

मेनका चाहती समाजसेवी आएं आगे
मैंने काफी प्रयास से गोशाला शुरू कराई। लाखों रुपये भी उसकी बेहतरी के लिए दे चुकी हूं। चारे के संकट की बात गोशाला की देखरेख कर रहे प्रमोद अग्रवाल ने मुझे बताई थी। मैंने डीएम ने स्वयं सेवी संस्थाओं, व्यापार मंडल के लोगों समेत गोरक्षा में रुचि लेने वालों के साथ बैठक कर उनसे इसके स्थाई समाधान को कहा है। गोशाला की बेहतरी के लिए निर्माण कार्य में जितने धन की आवश्यकता होगी मैं दूंगी। बेहतर होगा कि जिले के समाज सेवी और गोरक्षक भी इसमें आगे आएं। - मेनका संजय गांधी, केंद्रीय मंत्री
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed