{"_id":"6a4d4ffa2d390b8cd80db565","slug":"man-convicted-of-making-illicit-liquor-sentenced-to-seven-years-in-prison-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-163562-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जहरीली शराब बनाने के दोषी को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जहरीली शराब बनाने के दोषी को सात साल की सजा
विज्ञापन
पीलीभीत। जहरीली कच्ची शराब बनाने और गैंगस्टर एक्ट के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना की अदालत ने आरोपी कामता प्रसाद को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कारावास और 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान सह-आरोपी छोटे लाल की मृत्यु हो गई।
अभियोजन के अनुसार, 22 अप्रैल 2009 को आबकारी निरीक्षक आदेश कुमार वर्मा ने थाना बिलसंडा पुलिस के साथ ग्राम गौहनिया में मुखबिर की सूचना पर कामता प्रसाद के घर छापा मारा। वहां बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जा रही थी। उसकी तीव्रता बढ़ाने के लिए उसमें यूरिया जैसा जहरीला पदार्थ मिलाया जा रहा था, जिससे लोगों की जान को खतरा था।
मौके से 15 लीटर कच्ची शराब, 300 ग्राम यूरिया व शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए। विवेचना के बाद मामले में गैंगस्टर एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने कामता प्रसाद को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास और 16 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
छापे में मिला था शराब बनाने का पूरा जखीरा
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के घर से कच्ची शराब, यूरिया व शराब बनाने में प्रयुक्त कनस्तर, हड़िया, प्लास्टिक पाइप, डिब्बे समेत अन्य उपकरण बरामद हुए थे। अदालत ने इन्हें अभियोजन के महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। संवाद
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, 22 अप्रैल 2009 को आबकारी निरीक्षक आदेश कुमार वर्मा ने थाना बिलसंडा पुलिस के साथ ग्राम गौहनिया में मुखबिर की सूचना पर कामता प्रसाद के घर छापा मारा। वहां बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जा रही थी। उसकी तीव्रता बढ़ाने के लिए उसमें यूरिया जैसा जहरीला पदार्थ मिलाया जा रहा था, जिससे लोगों की जान को खतरा था।
विज्ञापन
मौके से 15 लीटर कच्ची शराब, 300 ग्राम यूरिया व शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए। विवेचना के बाद मामले में गैंगस्टर एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने कामता प्रसाद को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास और 16 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
छापे में मिला था शराब बनाने का पूरा जखीरा
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के घर से कच्ची शराब, यूरिया व शराब बनाने में प्रयुक्त कनस्तर, हड़िया, प्लास्टिक पाइप, डिब्बे समेत अन्य उपकरण बरामद हुए थे। अदालत ने इन्हें अभियोजन के महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। संवाद