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आमान परिवर्तन में तैनात किए जाएंगे रेंजर, शाम चार बजे के बाद नहीं होगा काम

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:23 AM IST
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पीलीभीत। मैलानी रेल खंड पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आमान परिवर्तन कार्य किया जाएगा। वन्यजीवों की लोकेशन ट्रेेस करने के लिए एक रेंजर की तैनाती की जाएगी। वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए शाम चार बजे के बाद काम बंद कर दिया जाएगा। एनओसी मिलने के बाद अब काम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
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लखनऊ रूट पर तीन चरणों में काम शुरू हुआ था। पहले चरण में लखनऊ-सीतापुर के बीच, दूसरे चरण में सीतापुर से मैलानी के बीच आमान परिवर्तन का काम पूरा करने के बाद मैलानी से पीलीभीत के बीच काम कार्यदायी संस्था ने शुरू किया था। मैलानी तक 65 किलोमीटर के रेल खंड पर माला जंगल के पास आठ किलोमीटर में पीटीआर का जंगल है। इससे कार्यदायी संस्था ने पीटीआर से 2018 में एनओसी के लिए आवेदन करने के बाद गैर जंगल एरिया में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया था। अब मैलानी और शाहगढ़ के बीच 46 किलोमीटर में ब्रॉडगेज का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि मई तक काम पूरा करने के बाद सीआरएस निरीक्षण होगा। इसके बाद शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच 19 किलोमीटर में काम शुरू किया जाएगा। जंगल में काम करने के लिए पीटीआर से नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिल गई है। जंगल में काम के दौरान कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडगेज की पटरियां बिछाई जाएगी। वन्यजीवों और काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

यह किए जाएंगे इंतजाम
जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आमान परिवर्तन के दौरान विशेष इंतजाम करने के एनओसी में निर्देश दिए गए है। इसमें वन्य जीवों के आने जाने के लिए पांच अंडरपास बनेंगे ताकि वन्यजीव पटरियों से दूर रह सकें। इसके लिए तार फेंसिंग कराई जाएगी। पटरी में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन की स्पीड 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से दौड़ाने पर सहमति बन है। हालांकि पीटीआर क्षेत्र में प्रस्तावित रेल पटरी से कितने वन्यजीव गुजरते हैं। इसकी जानकारी पीटीआर प्रशासन नहीं दे सका। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि इसका आंकलन देहरादून से रिपोर्ट आने के बाद भी होगा।
जहां दिखेगी लोकेशन, वहां उस दिन काम रहेगा बंद
शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच 19 किलोमीटर में आमान परिवर्तन का काम होना है। इसमें करीब आठ किलोमीटर जंगल क्षेत्र है। जंगल क्षेत्र में काम के लिए लगाए गए रेंजर श्रमिकों को वन्यजीवों से अलर्ट करेंगे। काम शाम चार बजे तक ही होगा। इसी के साथ जिस क्षेत्र में बाघ की लोकेशन मिलेगी। वहां उस दिन काम बंद कर अन्य जगह काम कराया जाएगा।
ब्रॉडगेज के साथ ही होगा विद्युतीकरण
मैलानी रूट पर जंगल क्षेत्र में ब्रॉडगेज की पटरियां बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का काम होगा। ट्रैक और विद्युत लाइन का काम एक साथ पूरा हो जाएगा। इसके बाद सीआरएस निरीक्षण के बाद इस रूट पर ट्रेनों के चलने की संभावना है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि विद्युतीकरण के लिए तैयारी पूरी कर लीं गई है।
मैलानी और शाहगढ़ के बीच आमान परिवर्तन का काम अंतिम चरण में है। सीआरएस निरीक्षण के बाद शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर लीं है। - संजय सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, कार्यदायी संस्था आरवीएनएल

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