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हरीपुर रेंज में छोड़ा गया महोफ का भालू
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 02 Apr 2017 09:54 PM IST
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शनिवार को ग्रामीणों पर हमला करने वाले भालू को वन विभाग ने पकड़ लिया। रविवार को पशु चिकित्सकों ने उसकी जांच की। स्थिति सामान्य पाए जाने पर वनाधिकारियों ने पकड़े गए भालू को हरीपुर रेंज के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। न्यूरिया थाना क्षेत्र के बसंतापुर गांव निवासी रामसिंह पर शनिवार सुबह लगभग 10.30 बजे भालू ने उस समय हमला कर दिया था जब वह जंगल किनारे खेत मेें गन्ने छीलने गया था। इसका पता लगने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान मौके पर भीड़ एकत्र हुई और भालू को घेरने के लिए गन्ने के खेत में घुस गई। तभी भालू ने गन्ने के खेत से निकलकर दुबारा भीड़ पर हमला कर दिया। भालू के हमले से रामकृष्ण और श्रीकृष्ण घायल हो गए। इससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और भालू दुबारा गन्ने के खेत में चला गया। फिर वन विभाग की टीम ने देरशाम पिंजरा लगाकर भालू को घेरकर पकड़ लिया। रात को उसे माला रेंज के गेस्ट हाउस में रखा गया। रविवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके राठौर अपनी टीम के साथ माला गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने डीएफओ आदर्श कुमार, कैलाश प्रकाश, आदर्श, एसडीओ केपी सिंह की मौजूदगी में भालू का परीक्षण किया। परीक्षण में उसकी स्थिति सामान्य पाई। मेडिकल रिपोर्ट के बाद वनाधिकारियों ने भालू को महोफ रेंज से हटाकर हरीपुर रेंज में छोड़ने का निर्णय लिया। एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि देरशाम भालू को हरीपुर रेंज ले जाकर छोड़ दिया गया।
आजीवन कारावास की सजा से बच गया भालू
तीन लोगों पर हमले के बाद भालू के पकड़ने जाने पर लोग उसे चिड़ियाघर भेजने का कयास लगा रहे थे। चिकित्सीय परीक्षण में भालू खूंखार पाया जाता तो उसे अपना बाकी जीवन चिड़ियाघर में गुजारना पड़ता।
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आजीवन कारावास की सजा से बच गया भालू
तीन लोगों पर हमले के बाद भालू के पकड़ने जाने पर लोग उसे चिड़ियाघर भेजने का कयास लगा रहे थे। चिकित्सीय परीक्षण में भालू खूंखार पाया जाता तो उसे अपना बाकी जीवन चिड़ियाघर में गुजारना पड़ता।
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