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Pilibhit News: घपलेबाजी की जांच करने लोकायुक्त की टीम आई, अभिलेख कब्जे में लिए
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पीलीभीत। महिला अस्पताल में कायाकल्प अवाॅर्ड की धनराशि और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर हुई शिकायत पर लोकायुक्त की टीम जांच करने यहां पहुंची। इससे खलबली मची रही। टीम ने घपले से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच की और कब्जे में लेकर वापस चली गई। इस दौरान तत्कालीन सीएमएस के बयान भी लिए गए।
शाहजहांपुर की रहने वाली सुनीता देवी ने बीते वर्ष लोकायुक्त से शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि जिला महिला अस्पताल को वित्तीय वर्ष 2021 में कायाकल्प अवाॅर्ड से नवाजा गया था। जिसके लिए शासन की ओर से अच्छे अस्पताल के लिए आठ और इको फ्रेंडली के लिए 10 लाख रुपये का बजट दिया गया था।
आरोप था कि धनराशि का तत्कालीन सीएमएस ने अनधिकृत फर्मों को आवंटित कर दिया। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए शुरुआती चरण में मामले को सही पाते हुए जांच कराने का निर्णय लिया। अग्रिम कार्यवाही में लोकायुक्त की ओर से शाहजहांपुर सीएमओ, एडीएम एफआर और कोषाधिकारी को शामिल करते हुए जांच समिति गठित कर दी।
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बृहस्पतिवार को समिति के अधिकारी महिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सीएमएस डॉ.राजेश से मिलने के बाद पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद तत्कालीन सभी अभिलेख और कायाकल्प धनराशि के खर्च का ब्यौरा मांगा। टीम ने सेवानिवृत्त सीएमएस के भी बयान दर्ज किए। बाद में जांच समिति ने बारी-बारी से सभी अभिलेखों को जांचा और अभिलेख कब्जे में लेकर चली गई। अस्पताल में जांच का सिलसिला करीब चार घंटे तक चला।
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शाहजहांपुर की रहने वाली सुनीता देवी ने बीते वर्ष लोकायुक्त से शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि जिला महिला अस्पताल को वित्तीय वर्ष 2021 में कायाकल्प अवाॅर्ड से नवाजा गया था। जिसके लिए शासन की ओर से अच्छे अस्पताल के लिए आठ और इको फ्रेंडली के लिए 10 लाख रुपये का बजट दिया गया था।
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आरोप था कि धनराशि का तत्कालीन सीएमएस ने अनधिकृत फर्मों को आवंटित कर दिया। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए शुरुआती चरण में मामले को सही पाते हुए जांच कराने का निर्णय लिया। अग्रिम कार्यवाही में लोकायुक्त की ओर से शाहजहांपुर सीएमओ, एडीएम एफआर और कोषाधिकारी को शामिल करते हुए जांच समिति गठित कर दी।
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बृहस्पतिवार को समिति के अधिकारी महिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सीएमएस डॉ.राजेश से मिलने के बाद पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इसके बाद तत्कालीन सभी अभिलेख और कायाकल्प धनराशि के खर्च का ब्यौरा मांगा। टीम ने सेवानिवृत्त सीएमएस के भी बयान दर्ज किए। बाद में जांच समिति ने बारी-बारी से सभी अभिलेखों को जांचा और अभिलेख कब्जे में लेकर चली गई। अस्पताल में जांच का सिलसिला करीब चार घंटे तक चला।