फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Lockdown effect

दो वक्त की रोटी के पड़ गए लाले: 22 महावट परिवारों को 10 किलो राशन मिला मगर, वह कम पड़ गया

Sun, 10 May 2020 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन
Lockdown effect
बीसलपुर। लॉकडाउन में प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है। मगर, क्षेत्र के गांव पतीपुरा के 22 महावट परिवारों के 104 लोगों के सामने इन दिनों भोजन का संकट है। सरकारी राशन की दुकान से एक बार इन्हें 10-10 किलो राशन मिला था। मगर, लॉकडाउन के दिन बढ़ गए। रोजगार के लिए घर से नहीं निकल पाए, इसलिए इनमें से कई परिवारों के सामने खाने पीने का संकट पैदा हो गया है।
विज्ञापन

पतीपुरा के प्रधान अरविंद कुमार ने बताया कि उनके गांव में तीन साल से 22 महावट परिवार झुग्गी झोपड़ी डालकर रहते हैं। इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे सब मिलाकर 104 सदस्य हैं। सामान्य दिनों में पुरुष पशुओं का व्यापार करते हैं। महिलाएं और बच्चे जहां-तहां भीख मांगकर गुजारा करते हैं। इन लोगों के न तो राशनकार्ड बने हैं, न पहचान चिन्ह। इन परिवारों की रोजी रोटी का दूसरा धंधा नहीं है। लॉकडाउन के दिन बढ़ने से इन परिवारों के सामने दो वक्त के खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है। कस्बे से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर गांव है। समाजसेवी भी यहां नहीं पहुंच रहे हैं। स्थायी बंदोबस्त न होने से इन परिवारों को नियमित भोजन नहीं मिल पाता है। कई बार इन परिवारों में महिलाओं और बच्चों को भूखे पेट ही सोना पड़ता है।
विज्ञापन

परिवार में नौ लोग हैं। लॉकडाउन बहुत लंबा चल गया। हममें से कोई बाहर कमाने नहीं जा पाया। कई बार हम लोगों को रात में भूखे पेट सोना पड़ता है। -राजकुमारी, परिवार की मुखिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार में सात लोग हैं। लॉकडाउन में हममें से कोई भी बाहर नहीं जा पाता। अगर जाते हैं तो पुलिस रोकती है। अब उस तरह से लोग भीख भी नहीं देते। -गौरा देवी
मेरे परिवार में आठ लोग हैं। लॉकडाउन में पशु व्यापार ठप पड़ा है। कई बार रात में भूखे पेट सो चुके हैं। पशुओं के लिए भी चारे की समस्या बनी है। पर्याप्त राशन मिल जाए तो गुजारा चलता रहेगा। -ओमप्रकाश
परिवार में छह लोग हैं। इनमें तीन बच्चे हैं। लॉकडाउन में पशु की खरीद बिक्री बंद है। कोटे से राशन तो मिला, मगर वह कम पड़ गया। कई बार रात में भूखे पेट सो चुके हैं। -कल्लूराम
महावट परिवारों का राशन कार्ड बनवाने का प्रयास किया, लेकिन आपूर्ति विभाग की अनदेखी की वजह से इनके राशनकार्ड नहीं बन पाए। फिर भी हम राशन दिलवाने की कोशिश करेंगे। -अरविंद कुमार, प्रधान।
एक बार दे चुके हैं 10 किलो चावल
प्रत्येक महावट परिवार एक बार 10-10 किलो चावल निशुल्क दे चुके हैं। अधिकारी यदि दोबारा आदेश करेंगे तो फिर निशुल्क चावल दे देंगे। -राममुरारी यादव कोटेदार पतीपुरा।

पतीपुरा के महावट परिवारों को चावल दिलाया जा चुका है। सामुदायिक भोजनालय से खाने के पैकेट भिजवा चुके हैं। भोजन का स्थायी बंदोबस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। - आशुतोष कुमार, तहसीलदार, बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed