{"_id":"5eb1ade98ebc3e905b5772bf","slug":"lockdown-effect-pilibhit-news-bly404919970","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी दफ्तरों में 33 की बात छोड़िए 20 फीसदी ही नजर आ रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी दफ्तरों में 33 की बात छोड़िए 20 फीसदी ही नजर आ रहे
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पीलीभीत। कोविड-19 को लेकर लागू लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल को शासन के निर्देश पर सभी सरकारी दफ्तर खोल दिए गए हैं। वहां कर्मचारियों की 33 फीसदी उपस्थिति के भी निर्देश हैं। मगर, इसके बावजूद अधिकतर कर्मचारी ड्यूटी पर कोरोना के डर से नहीं आ रहे हैं। ले-देकर 20 प्रतिशत ही नजर आ रहे हैं, क्योंकि जो सुबह को ड्यूटी पर आते हैं, वे कोई काम न होने के कारण कुछ ही देर बाद घर लौट जाते हैं। पहले जिन दफ्तरों में रौनक रहती थी, वहां अब चंद कर्मचारी ही जरूरी काम करते नजर आते हैं। अफसर भी इन पर अनुशासन का डंडा बहुत सख्ती से नहीं चला रहे हैं।
अमर उजाला ने मंगलवार को कुछ सरकारी दफ्तरों के कामकाज का जायजा लिया। कहीं कर्मचारियों की संख्या अधिक तो कहीं कम दिखाई दी। समस्या लेकर आने वाले फरियादी न के बराबर मिले। कलक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि, रजिस्ट्री दफ्तर, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग समेत विभिन्न दफ्तरों में सन्नाटे जैसा माहौल था। कुछ जगह चंद कर्मचारी मिले भी तो वह केवल जरूरी काम ही निपटा रहे थे। लॉकडाउन में अधिकतर काम फिलहाल लंबित है। 33 प्रतिशत स्टॉफ की मौजूदगी के चलते काम काज तो प्रभावित हो ही रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन में तेजी
विकास भवन के स्वच्छ भारत मिशन के कार्यालय में कर्मचारी तेजी से काम करते दिखे। यह कार्यालय डीपीआरओ के अधीन है। यहां 18 कर्मचारियों में आठ कर्मचारी काम करते मिले। डीपीआरओ प्रमोद यादव ने बताया कि शासन से शौचालय निर्माण को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। इसीलिए कुछ अधिक कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।
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सीन-2
समाज कल्याण में कुछ काम ही पेंडिंग
विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में 13 कर्मचारियों का स्टॉफ है। मंगलवार को तीन कर्मचारी काम करते मिले। समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि जिन लोगों की समस्याएं हैं। उन्हें फोन द्वारा ही सुलझाया जा रहा है। पारिवारिक लाभ योजना का कुछ काम पेंडिंग है। शासन से ग्रांट मिलने के बाद उसमें कुछ होगा।
केस-3
डीआईओएस कार्यालय में न के बराबर काम
डीआईओएस कार्यालय में 13 कर्मचारियों में से मंगलवार को चार कर्मचारी अपने कक्ष में बैठे नजर आए। डीआईओएस संत प्रकाश ने बताया कि कार्यालय में सामान्य दिनों की अपेक्षा 20 फीसदी ही काम हो पा रहा है। यदि मूल्यांकन कार्य चलता रहता तो दफ्तर में काम बढ़ जाता। ऑरेंज जोन में आने की वजह से जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन रोक दिया गया है।
केस-4
पूर्ति विभाग में सामाजिक दूरी पर जोर
कलक्ट्रेट परिसर में स्थित पूर्ति विभाग के कार्यालय में भी चार-पांच कर्मचारी काम करते दिखे। जो लोग अपनी समस्याएं लेकर आ रहे थे, गेट पर ही रोककर उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा था। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि इन दिनों राशन वितरण का काम चल रहा है। रोजाना रिपोर्ट आदि तैयार की जा रही है। पात्रों को राशन वितरण कराया जा रहा है। व्यवस्था में कमी न आने पाए, इसलिए काम रोजाना निपटा रहे हैं।
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अमर उजाला ने मंगलवार को कुछ सरकारी दफ्तरों के कामकाज का जायजा लिया। कहीं कर्मचारियों की संख्या अधिक तो कहीं कम दिखाई दी। समस्या लेकर आने वाले फरियादी न के बराबर मिले। कलक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि, रजिस्ट्री दफ्तर, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग समेत विभिन्न दफ्तरों में सन्नाटे जैसा माहौल था। कुछ जगह चंद कर्मचारी मिले भी तो वह केवल जरूरी काम ही निपटा रहे थे। लॉकडाउन में अधिकतर काम फिलहाल लंबित है। 33 प्रतिशत स्टॉफ की मौजूदगी के चलते काम काज तो प्रभावित हो ही रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन में तेजी
विकास भवन के स्वच्छ भारत मिशन के कार्यालय में कर्मचारी तेजी से काम करते दिखे। यह कार्यालय डीपीआरओ के अधीन है। यहां 18 कर्मचारियों में आठ कर्मचारी काम करते मिले। डीपीआरओ प्रमोद यादव ने बताया कि शासन से शौचालय निर्माण को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। इसीलिए कुछ अधिक कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।
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सीन-2
समाज कल्याण में कुछ काम ही पेंडिंग
विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में 13 कर्मचारियों का स्टॉफ है। मंगलवार को तीन कर्मचारी काम करते मिले। समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि जिन लोगों की समस्याएं हैं। उन्हें फोन द्वारा ही सुलझाया जा रहा है। पारिवारिक लाभ योजना का कुछ काम पेंडिंग है। शासन से ग्रांट मिलने के बाद उसमें कुछ होगा।
केस-3
डीआईओएस कार्यालय में न के बराबर काम
डीआईओएस कार्यालय में 13 कर्मचारियों में से मंगलवार को चार कर्मचारी अपने कक्ष में बैठे नजर आए। डीआईओएस संत प्रकाश ने बताया कि कार्यालय में सामान्य दिनों की अपेक्षा 20 फीसदी ही काम हो पा रहा है। यदि मूल्यांकन कार्य चलता रहता तो दफ्तर में काम बढ़ जाता। ऑरेंज जोन में आने की वजह से जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन रोक दिया गया है।
केस-4
पूर्ति विभाग में सामाजिक दूरी पर जोर
कलक्ट्रेट परिसर में स्थित पूर्ति विभाग के कार्यालय में भी चार-पांच कर्मचारी काम करते दिखे। जो लोग अपनी समस्याएं लेकर आ रहे थे, गेट पर ही रोककर उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा था। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि इन दिनों राशन वितरण का काम चल रहा है। रोजाना रिपोर्ट आदि तैयार की जा रही है। पात्रों को राशन वितरण कराया जा रहा है। व्यवस्था में कमी न आने पाए, इसलिए काम रोजाना निपटा रहे हैं।