फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Lockdown effect

एक माह के लॉकडाउन में बाजार को 1000 करोड़ का झटका

Tue, 21 Apr 2020 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2020 01:50 AM IST
विज्ञापन
Lockdown effect
पीलीभीत। कोरोना के फैलते संक्रमण के बीच लॉकडाउन को एक महीना हो चुका है। कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगा है। कारोबार बंद पड़े हैं। एक माह तक कारोबार और व्यापार ठप होने से अब तक अर्थव्यवस्था को 1000 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। अभी तीन मई तक लॉकडाउन चलना है। इस अवधि में उद्योग और व्यापार शुरू करने के नियमों में कुछ ढील मिलने के बावजूद 750 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
विज्ञापन

शहर में प्रतिदिन थोक और फुटकर मिलाकर औसतन 40 से 50 करोड़ तक का कारोबार होता है। शॉपिंग मॉल, सिनेमा, बरातघर, किराना, सराफा, बर्तन, राइस मिल, शुगर मिल, स्कूल, अनाज खरीद, आटा मिल के अलावा अन्य फुटकर व्यापार और कारोबार लॉकडाउन में प्रभावित हुआ है। पीलीभीत में लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था की कमर टूटने के बारे में अमर उजाला ने राइस मिल विभिन्न कारोबारियों से बात की। प्रस्तुत है एक रिपोर्ट-
विज्ञापन

सराफा बाजार में 100 करोड़ का नुकसान
सराफा की 600 छोटी-बड़ी दुकानें हैं। लॉकडाउन के चलते ये सभी बंद हैं। सहालग के समय सराफा दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रहती है। सहालग के सीजन में सराफा बाजार सन्नाटे में है। कारोबारियों के मुताबिक अब तक 95 से 100 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सराफा बाजार एक महीने से पूरी तरह सन्नाटे में है। बिना कारोबार कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है। बैंकों का ब्याज बढ़ता जा रहा है। इससे नुकसान ही नुकसान है। -शैली अग्रवाल, महामंत्री, सराफा एसोसिएशन
राइस इंडस्ट्रीज में 250 करोड़ की चपत
खाद्यान्न की दृष्टि से अग्रणी तराई के इस जनपद में 112 राइस मिलें हैं। प्रत्येक राइस मिल पर 25 से 50 कर्मचारियों का स्टाफ काम करता है। होली के बाद इनमें काम ठप है। अब तक 250 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। अब इंडस्ट्री चलाने की जो शर्तें हैं, उसमें राइस मिलें बंद ही रहेगी।
राइस मिल इंडस्ट्री पहले ही मुसीबत झेल रही है। मिलों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई। लॉकडाउन में राइस मिलों को खोलने की बात कह दी गई है, लेकिन इतने लेबर पास कहां से मिलेंगे, वे कैसे आएंगे, ये सब मुश्किलं हैं। -अश्वनी अग्रवाल, जिलाध्यक्ष राइस मिल एसोसिएशन
इलेक्ट्रानिक कारोबार भी भारी घाटे में
लॉकडाउन से इलेक्ट्रानिक कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। गर्मी में कूलर, एसी, फ्रिज की बिक्री ठप है। सहालग में खूब खरीदारी होती है। कारोबारियों का कहना है कि सहालग सीजन में लॉकडाउल के दौरान 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। अभी लॉकडाउन में आगे और भी नुकसान होना तय है।
बैंकों के ब्याज का पहिया तो घूम ही रहा है। स्टाफ को वेतन देना ही है। इलेक्ट्रानिक कारोबार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। तीन मई तक यह आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा। -अफरोज जिलानी, कारोबारी, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
4000 बाइक-स्कूटी की सेल रुकी
ऑटो मोबाइल बाजार का हाल भी वैसा ही है, जैसा अन्य उद्योगों का है। कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल में हर साल 4000 बाइक व स्कूटी की बिक्री होती थी। अब यह सब ठप होने से 20 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। जनपद में छह बाइक एजेंसी और इनके 40 सब डीलर हैं।
लॉकडाउन से ऑटोमोबाइल ही क्या, सभी तरह के कारोबार को खासा फर्क पड़ा है। बिजनेस तो ठप है ही। बैंकों की देनदारी, कर्मचारियों का वेतन समेत और भी कई खर्चें बढ़ते जा रहे हैं। -संजीव अग्रवाल, ऑटो मोबाइल कारोबारी
मोबाइल फोन बाजार भी करोड़ों के घाटे में
एक माह के लॉकडाउन में मोबाइल बाजार भी पस्त है। शहर में 100 से अधिक मोबाइल की दुकानें हैं। इससे जुड़े कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक लॉकडाउन से मोबाइल बाजार में 50 करोड़ से अधिक का नुकसान है। अभी लॉकडाउन बाकी है तो आगे भी नुकसान होगा।
लॉकडाउन तो लोगों की भलाई के लिए ही है। मगर बिनजेस में यूं ही नुकसान होता रहा तो कारोबारी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। ज्यादातर कारोबारी बैंकों से जुड़े हैं। दुकानें बंद हैं, लेकिन ब्याज का पहिया घूम रहा है। -कपिल वर्मा, मोबाइल कारोबारी
मिठाई कारोबार को 55 करोड़ की चपत
जनपद में मिठाई की 150 से अधिक दुकानें हैं। इनमेें कुछ दुकानें बड़ी तो बाकी छोटी हैं। 23 मार्च के लॉकडाउन से दुकानों में तैयार पांच से छह करोड़ की मिठाई खराब होने के चलते फेंकनी पड़ी। एक माह से मिष्ठान विक्रेता घर में बैठे हैं। एक अनुमान के मुताबिक मिठाई कारोबार को 55 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
पहले तो अचानक लॉकडाउन से लाखों की तैयार मिठाई बर्बाद हो गई। अब लॉकडाउन से नुकसान ही नुकसान है। हर दुकान में अच्छा खासा स्टाफ है। उसे तनख्वाह तो देनी ही है। -पारस गुप्ता, मिठाई कारोबारी
बरातघर सूने, 70 करोड़ का नुकसान
कोरोना संक्रमण की शुरुआत से बरातघरों को बंद करवा दिया गया था। उनको सहालग सीजन में अपनी बुकिंग निरस्त करनी पड़ी। चूंकि बरातघरों में कैटरिंग, डेकोरेशन वाले भी जुड़े रहते हैं। इसलिए लॉकडाउन से बरातघर संचालकों को 70-80 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

कोरोना संक्रमण को लेकर बैंक्वेट हॉल तो पहले ही बंद कर दिए गए थे। बुकिंग तक कैंसल करनी पड़ी थी। जान है तो जहान है। इसमें किया भी क्या जा सकता है। -कार्तिक भसीन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed