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लॉकडाउन में टाइगर रिजर्व के पर्यटन को 30 लाख का झटका

Mon, 11 May 2020 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 12:42 AM IST
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lockdown effect on tiger reserve tourism
पीलीभीत। कोरोना वायरस की काली छाया पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र पर भी पड़ गई। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से 25 मार्च से ही जंगल सफारी और चूका बीच में देसी-विदेशी सैलानियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। तब से यह बंद पड़ा है। चूका बीच का पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त होना है और तब तक चूकाबीज खुलने की उम्मीद न के बराबर है। अफसरों के अनुसार इस बार ढाई महीने पहले चूका बीच बंद होने से टाइगर रिजर्व और वन निगम को 30 लाख से ज्यादा का नुकसान होगा।
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के भी आकर्षण का केंद्र है। टाइगर रिजर्व का छठा पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू हो गया था। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पिकनिक स्पॉट चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है। चूका बीच की वॉटर हट, थारू हट, अरण्य कुटी, बैंबों हट और ट्री हट सैलानियों के खूब लुभाती हैं। यही वजह थी कि पिछले पांच साल से लगातार वन विभाग की आमदनी कई गुना बढ़ती जा रही थी। हालांकि इससे सीधे तौर पर टाइगर रिजर्व को कोई फायदा नहीं मिलता था, मगर टाइगर रिजर्व से जुड़े 50 गाइड 25 वाहन चालक और वन समिति के 30 लोगों को रोजगार जरूर मिला था। इधर देश में जब कोरोना वायरस ने दस्तक दी तो टाइगर रिजर्व में भी 15 जून तक चलने वाले छठे पर्यटन सत्र पर 25 मार्च से पाबंदी लगा दी गई। करीब ढाई महीने पहले ही पर्यटन बंद होने से वन विभाग को करीब 30 लाख से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ रहा है। छठा पर्यटन सत्र खत्म होने में करीब एक माह का समय बचा है। देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या को देखते हुए टाइगर रिजर्व के अफसर भी चूका बीच समेत अन्य पर्यटन स्थल खुलने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं।
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मात्र 17.29 लाख की ही हुई कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देसी और 13 विदेशी सैलानी टाइगर रिजर्व घूमने आए। उनसे वन विभाग को 17,29,976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 15,885 देसी और 23 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण के लिए आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपए की आय हुई थी। इस बार बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने का पूरा अनुमान था। मगर, लॉकडाउन ने पूरे पर्यटन सत्र को ही झटका दे दिया।
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कोविड-19 संक्रमण के चलते देश समेत विदेशों की भी सेंक्चुरी और टाइगर रिजर्व बंद हैं। जब तक शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं होता है तब तक टाइगर रिजर्व और चूकाबीच में पर्यटन बंद ही रहेगा। इस वर्ष सैलानियों से प्राप्त होने वाली आय पर भी भारी असर पड़ा है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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