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महिला को बांग्लादेशी बताकर एलआईयू आवेदन पर नहीं लगाई रिपोर्ट
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पीलीभीत। सरकारी राशन की दुकान का प्रस्ताव पास होने के बाद एक महिला अपना चरित्र प्रमाण पत्र के लिए एक माह से भटक रही है। वह जब अपना चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने आई तो एलआईयू इंस्पेक्टर ने उसे बांग्लादेशी बता दिया। साथ ही आवेदन पर अपनी रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया गया।
अमरिया तहसील क्षेत्र के ग्राम भरतपुर निवासी ज्योति मंडल पत्नी समरेश मंडल ने डीएम कार्यालय में की शिकायत में बताया कि कई दशकों से उसका परिवार यहीं के गांव में रहते हैं। बीते माह पुलिस लाइन से भी उनका चरित्र प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। वर्तमान में पीड़िता के नाम से सरकारी राशन की दुकान का प्रस्ताव कर दिया गया। कोटेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी तो उसने आवेदन किया। इस पर एक सप्ताह पूर्व महिला से कुछ कागजात मंगाए गए। उसके बाद एलआईयू की ओर से उसे फिर बांग्लादेशी होने की बात कहकर प्रमाण पत्र में रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया गया। उधर, एफआईयू इंस्पेक्टर कंचन सिंह रावत का कहना है कि दरअसल, महिला के नाम से भारतीय नागरिकता को लेकर भी आवेदन किया गया था। अब सूची निकलवाई गई, मामले की जांच कराई जाएगी।
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अमरिया तहसील क्षेत्र के ग्राम भरतपुर निवासी ज्योति मंडल पत्नी समरेश मंडल ने डीएम कार्यालय में की शिकायत में बताया कि कई दशकों से उसका परिवार यहीं के गांव में रहते हैं। बीते माह पुलिस लाइन से भी उनका चरित्र प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। वर्तमान में पीड़िता के नाम से सरकारी राशन की दुकान का प्रस्ताव कर दिया गया। कोटेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी तो उसने आवेदन किया। इस पर एक सप्ताह पूर्व महिला से कुछ कागजात मंगाए गए। उसके बाद एलआईयू की ओर से उसे फिर बांग्लादेशी होने की बात कहकर प्रमाण पत्र में रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया गया। उधर, एफआईयू इंस्पेक्टर कंचन सिंह रावत का कहना है कि दरअसल, महिला के नाम से भारतीय नागरिकता को लेकर भी आवेदन किया गया था। अब सूची निकलवाई गई, मामले की जांच कराई जाएगी।
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