{"_id":"619e33ce218d7708837a9cb2","slug":"life-imprisonment-for-the-accused-of-arun-murder-case-pilibhit-news-bly4671155194","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरुण हत्याकांड के आरोपी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरुण हत्याकांड के आरोपी को आजीवन कारावास
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने पांच साल पहले थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव सोधा में हुए अरुण कुमार हत्याकांड के आरोपी धर्मेंद्र उर्फ हैप्पी को दोषी पाया। उसके लिए आजीवन कारावास और 35,000 रुपये जुर्माना भरने का आदेश अदालत ने सुनाया है।
शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र मोहन दीक्षित ने बताया कि थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव सोधा निवासी रामरतन ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 07 अक्तूबर 2016 की रात को उसका पुत्र अरुण कुमार गांव के ही अशोक कुमार के साथ देवी स्थान पर हो रहे रामायण को देखने गया था। गांव का ही धर्मेंद्र कुमार उर्फ हैप्पी रात में करीब 11:30 बजे उसे बुलाकर ले गया। अरुण कुमार के न लौटने पर उसकी तलाश की गई।
अगली सुबह उसका शव गांव में खेत में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद शव का पंचनामा भरा। शव का अंतिम परीक्षण कराया गया। विवेचना के बाद धर्मेंद्र कुमार उर्फ हैप्पी पुत्र रामलाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कुल नौ गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 35,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाने के बाद आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र मोहन दीक्षित ने बताया कि थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव सोधा निवासी रामरतन ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 07 अक्तूबर 2016 की रात को उसका पुत्र अरुण कुमार गांव के ही अशोक कुमार के साथ देवी स्थान पर हो रहे रामायण को देखने गया था। गांव का ही धर्मेंद्र कुमार उर्फ हैप्पी रात में करीब 11:30 बजे उसे बुलाकर ले गया। अरुण कुमार के न लौटने पर उसकी तलाश की गई।
विज्ञापन
अगली सुबह उसका शव गांव में खेत में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद शव का पंचनामा भरा। शव का अंतिम परीक्षण कराया गया। विवेचना के बाद धर्मेंद्र कुमार उर्फ हैप्पी पुत्र रामलाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कुल नौ गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 35,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाने के बाद आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन