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Pilibhit News: तंत्रमंत्र के लिए बच्चे की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
Sun, 02 Jul 2023 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 02 Jul 2023 12:05 AM IST
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पीलीभीत। तांत्रिक क्रिया के लिए बच्चे का अपहरण कर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और 80 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। शेष 11 आरोपियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोष मुक्त कर दिया। न्यायालय ने अर्थदंड की धनराशि मृतक बच्चे के पिता को देने का आदेश दिया है।
थाना बीसलपुर के ग्राम पुरैनिया रामगुलाम के प्रेम शंकर ने 17 नवंबर 2019 को अपने चार वर्षीय पुत्र अरुण के गुम होने की सूचना बीसलपुर कोतवाली में दी थी। अगले दिन सुबह आठ बजे तालाब किनारे अरुण की खून से लथपथ लाश मिली। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि 17 नवंबर को गांव के मुकेश व चमन कुमार खेत से लकड़ी लेने जा रहे थे, तभी गांव का सुधीर कुमार उर्फ मुन्ना लाल अरुण को गोद में उठाकर ले जा रहा था।
सुधीर कुमार उर्फ मुन्नालाल के खेत में माचिस, मिठाई, धूपबत्ती, पूजा का सामान और गड्ढा खुदा मिला। वहां खून के निशान भी थे। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो सुधीर के ही अरुण की माया के लालच में तांत्रिक क्रिया के लिए हत्या करने की बात सामने आई। पुलिस ने विवेचना में पुरैनिया रामगुलाम के सुधीर कुमार, सुधीर की पत्नी अंजू देवी, आनन्द कुमार उर्फ बाबूजी, चंद्रपाल, संतोष शर्मा, मेवाराम, रियासत, नंदलाल, ओमकार, रवि शर्मा, उमा शंकर, महेंद्र पाल को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सुधीर कुमार उर्फ मुन्नालाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। अंजू देवी, आनन्द प्रकाश उर्फ बाबू जी उर्फ गुड्डू, चंद्रपाल, संतोष शर्मा, मेवाराम, रियासत, नन्द लाल, उमाशंकर, रवि शर्मा, महेंद्र पाल, ओमकार के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर न्यायालय ने दोष मुक्त किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र गंगवार ने की।
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थाना बीसलपुर के ग्राम पुरैनिया रामगुलाम के प्रेम शंकर ने 17 नवंबर 2019 को अपने चार वर्षीय पुत्र अरुण के गुम होने की सूचना बीसलपुर कोतवाली में दी थी। अगले दिन सुबह आठ बजे तालाब किनारे अरुण की खून से लथपथ लाश मिली। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि 17 नवंबर को गांव के मुकेश व चमन कुमार खेत से लकड़ी लेने जा रहे थे, तभी गांव का सुधीर कुमार उर्फ मुन्ना लाल अरुण को गोद में उठाकर ले जा रहा था।
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सुधीर कुमार उर्फ मुन्नालाल के खेत में माचिस, मिठाई, धूपबत्ती, पूजा का सामान और गड्ढा खुदा मिला। वहां खून के निशान भी थे। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो सुधीर के ही अरुण की माया के लालच में तांत्रिक क्रिया के लिए हत्या करने की बात सामने आई। पुलिस ने विवेचना में पुरैनिया रामगुलाम के सुधीर कुमार, सुधीर की पत्नी अंजू देवी, आनन्द कुमार उर्फ बाबूजी, चंद्रपाल, संतोष शर्मा, मेवाराम, रियासत, नंदलाल, ओमकार, रवि शर्मा, उमा शंकर, महेंद्र पाल को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सुधीर कुमार उर्फ मुन्नालाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। अंजू देवी, आनन्द प्रकाश उर्फ बाबू जी उर्फ गुड्डू, चंद्रपाल, संतोष शर्मा, मेवाराम, रियासत, नन्द लाल, उमाशंकर, रवि शर्मा, महेंद्र पाल, ओमकार के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर न्यायालय ने दोष मुक्त किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र गंगवार ने की।