{"_id":"661d211ef1a603c17c0e1fe2","slug":"learn-the-method-of-honey-production-from-foreign-tourists-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-114843-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: विदेशी सैलानियों से जाना शहद उत्पादन का तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: विदेशी सैलानियों से जाना शहद उत्पादन का तरीका
विज्ञापन
शहद उत्पादन करने वाले ग्रामीणों से मिलते विदेशी लोग। स्रोत- ग्रामीण
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से पुरैना ताल्लुके महाराजपुर गांव का किया भ्रमण
संंवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। शहद उत्पादन के तरीके को जानने के लिए सोमवार को विदेश के कई सैलानी बराही रेंज से सटे पुरैना ताल्लुके महाराजपुर गांव पहुंचे। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से उत्पादन से जुड़े लोगों से बातचीत कर शहद उत्पादन की जानकारी ली। ग्रामीणों के प्रयास की सराहना की।
पीटीआर से सटे इलाके के लोगों को जागरूक करने के साथ रोजगार से जोड़ने के पूर्व से ही प्रयास किए जा रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से पुरैना गांव स्थित वन समिति से जुड़े लोगों को शहद पालन से जोड़ा गया था। समिति की ओर से लगातार शहद पालन किया जा रहा है।
शहद की बिक्री भी शुरू कर दी गई है। इस प्रयास की सीएम योगी आदित्यनाथ भी सराहना कर चुके हैं। इधर सोमवार को विदेश से कुछ सैलानी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी के साथ पुरैना गांव पहुंचे। शहद उत्पादन का तरीका देखा। इससे जुड़े लोगों से बातचीत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
संंवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। शहद उत्पादन के तरीके को जानने के लिए सोमवार को विदेश के कई सैलानी बराही रेंज से सटे पुरैना ताल्लुके महाराजपुर गांव पहुंचे। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से उत्पादन से जुड़े लोगों से बातचीत कर शहद उत्पादन की जानकारी ली। ग्रामीणों के प्रयास की सराहना की।
पीटीआर से सटे इलाके के लोगों को जागरूक करने के साथ रोजगार से जोड़ने के पूर्व से ही प्रयास किए जा रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से पुरैना गांव स्थित वन समिति से जुड़े लोगों को शहद पालन से जोड़ा गया था। समिति की ओर से लगातार शहद पालन किया जा रहा है।
विज्ञापन
शहद की बिक्री भी शुरू कर दी गई है। इस प्रयास की सीएम योगी आदित्यनाथ भी सराहना कर चुके हैं। इधर सोमवार को विदेश से कुछ सैलानी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी के साथ पुरैना गांव पहुंचे। शहद उत्पादन का तरीका देखा। इससे जुड़े लोगों से बातचीत की।
विज्ञापन