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Pilibhit News: जंगल बुक से जानेंगे पीटीआर के पर्यटन और बाघों की निराली दुनिया
Thu, 16 Jan 2025 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:11 AM IST
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन और वन्यजीवों के साथ पर्यटन की खूबसूरती को अब किताब में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए पीटीआर प्रशासन की ओर से अपनी एक जंगल बुक तैयार कराई जाएगी। पर्यटन सत्र के दौरान वाइट बोर्ड में लिखी जा रही सैलानियों की राय को किताब में दर्ज किया जाएगा।
वैसे तो पीटीआर का जंगल ब्रिटिश काल से ही सुर्खियों में रहा है। कई ब्रिटिश राजा यहां शिकार करने आते रहे। उन्होंने अपनी किताबों में पीलीभीत के जंगलों का जिक्र भी किया है। समय के साथ कई बदलाव हुए, लेकिन अब बाघों की मौजूदगी की वजह से पीटीआर सुर्खियों में बना है। पर्यटन सत्र के दौरान अधिकांश सैलानी बाघों के दीदार करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इसमें देश के विभिन्न इलाकों के अलावा विदेश के सैलानी भी शामिल है। जंगल सफारी के बाद सैलानियों की राय भी ली जा रही है। इसके लिए मुस्तफाबाद स्थित बुकिंग काउंटर के बाहर वाइट बोर्ड लगाया गया। जिसपर सैलानी अपनी राय लिख रहे हैं।
इधर पीटीआर प्रशासन वन और वन्यजीवों के साथ पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को यादगार बनाने के प्रयास में जुटा है। इसके लिए अफसरों ने एक जंगल बुक तैयार करने का निर्णय लिया है। अफसरों का कहना है कि पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को पीटीआर में बाघाें के दीदार अधिक हो रहे हैं। चूका बीच के अलावा अन्य स्थानों की खूबसूरती भी सैलानियों को पसंद आ रही है। सैलानियों का उत्साह और पीटीआर की पहचान बढ़ाने के लिए बुक तैयार कराई जाएगी। इसमें सैलानियों की राय को भी शामिल किया जाएगा।
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पिछले सत्र में 80 फीसदी सैलानियों को हुए बाघ के दीदार
पीटीआर प्रशासन की मानें तो पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को बाघ के बेहतर दीदार हो रहे हैं। पिछले सत्र में 80 फीसदी सैलानियों को जंगल सफारी के दौरान बाघ के दीदार हुए थे। इस बार स्थिति और बेहतर सामने आ रही है। बाघ के लगातार दीदार हो रहे हैं। सैलानी वाइट बोर्ड में अपनी राय भी लिख रहे हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सैलानियों की राय को एक रजिस्टर पर दर्ज कराया जा रहा है। जिससे जंगल बुक में शामिल कराया जाएगा। पर्यटन सत्र के बाद बुक तैयार कराई जाएगी।
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वैसे तो पीटीआर का जंगल ब्रिटिश काल से ही सुर्खियों में रहा है। कई ब्रिटिश राजा यहां शिकार करने आते रहे। उन्होंने अपनी किताबों में पीलीभीत के जंगलों का जिक्र भी किया है। समय के साथ कई बदलाव हुए, लेकिन अब बाघों की मौजूदगी की वजह से पीटीआर सुर्खियों में बना है। पर्यटन सत्र के दौरान अधिकांश सैलानी बाघों के दीदार करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इसमें देश के विभिन्न इलाकों के अलावा विदेश के सैलानी भी शामिल है। जंगल सफारी के बाद सैलानियों की राय भी ली जा रही है। इसके लिए मुस्तफाबाद स्थित बुकिंग काउंटर के बाहर वाइट बोर्ड लगाया गया। जिसपर सैलानी अपनी राय लिख रहे हैं।
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इधर पीटीआर प्रशासन वन और वन्यजीवों के साथ पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को यादगार बनाने के प्रयास में जुटा है। इसके लिए अफसरों ने एक जंगल बुक तैयार करने का निर्णय लिया है। अफसरों का कहना है कि पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को पीटीआर में बाघाें के दीदार अधिक हो रहे हैं। चूका बीच के अलावा अन्य स्थानों की खूबसूरती भी सैलानियों को पसंद आ रही है। सैलानियों का उत्साह और पीटीआर की पहचान बढ़ाने के लिए बुक तैयार कराई जाएगी। इसमें सैलानियों की राय को भी शामिल किया जाएगा।
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पिछले सत्र में 80 फीसदी सैलानियों को हुए बाघ के दीदार
पीटीआर प्रशासन की मानें तो पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को बाघ के बेहतर दीदार हो रहे हैं। पिछले सत्र में 80 फीसदी सैलानियों को जंगल सफारी के दौरान बाघ के दीदार हुए थे। इस बार स्थिति और बेहतर सामने आ रही है। बाघ के लगातार दीदार हो रहे हैं। सैलानी वाइट बोर्ड में अपनी राय भी लिख रहे हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सैलानियों की राय को एक रजिस्टर पर दर्ज कराया जा रहा है। जिससे जंगल बुक में शामिल कराया जाएगा। पर्यटन सत्र के बाद बुक तैयार कराई जाएगी।