{"_id":"66d0fbb3a95979aa090e0534","slug":"land-erosion-has-slowed-down-erosion-and-flood-victims-continue-to-protest-pilibhit-news-c-121-1-pbt1008-121670-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: धीमा हुआ भूकटान, कटान-बाढ़ पीड़ितों का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: धीमा हुआ भूकटान, कटान-बाढ़ पीड़ितों का धरना जारी
विज्ञापन
पूरनपुर क्षेत्र के गांव खिलकिया बरगदिया में धरना स्थल पर बैठे लोग।स्रोत: ग्रामीण
पूरनपुर। गांव खिरकिया बरगदिया में बाढ़ और कटान का सर्वे शुरू न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध में मंगलवार से शुरू हुआ पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। गांव के समीप भूकटान बृहस्पतिवार को धीमा पड़ गया। बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए सौंपे गए तारों को नदी किनारे बांधना शुरू कर दिया गया है।
नदी का जलस्तर काफी कम होने से गांव खिरकिया बरगदिया के समीप दो दिन से तेजी से हो रहा भूकटान बृहस्पतिवार को धीमा पड़ गया। बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने को दिए गए तारों को गांव के लोगों ने नदी किनारे पहुंचकर पेड़ की टहनियों, झांड़ियों, लकड़ी के डंडों को आपस में करने के बाद बांधना शुरू कर दिया। ताकि कटान शुरू होने पर उसे रोका जा सके।
--
सर्वे के बाद मुजावजा न मिलने पर एसडीएम को भेजा पत्र
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने एसडीएम को पत्र भेजकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत चंदिया हजारा का गांव भुरजनिया नदी के दूसरे पार है। शारदा की बाढ़ और कटान से गांव भुरजनिया के 99 प्रतिशत किसानों की फसलें नष्ट हो गईं हैं। नुकसान का लेखपाल ने सर्वे भी किया। मगर अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नदी का जलस्तर काफी कम होने से गांव खिरकिया बरगदिया के समीप दो दिन से तेजी से हो रहा भूकटान बृहस्पतिवार को धीमा पड़ गया। बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने को दिए गए तारों को गांव के लोगों ने नदी किनारे पहुंचकर पेड़ की टहनियों, झांड़ियों, लकड़ी के डंडों को आपस में करने के बाद बांधना शुरू कर दिया। ताकि कटान शुरू होने पर उसे रोका जा सके।
विज्ञापन
सर्वे के बाद मुजावजा न मिलने पर एसडीएम को भेजा पत्र
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने एसडीएम को पत्र भेजकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत चंदिया हजारा का गांव भुरजनिया नदी के दूसरे पार है। शारदा की बाढ़ और कटान से गांव भुरजनिया के 99 प्रतिशत किसानों की फसलें नष्ट हो गईं हैं। नुकसान का लेखपाल ने सर्वे भी किया। मगर अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
विज्ञापन