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Pilibhit News: संसाधनों का अभाव, कैसे करेगी समिति गन्ना मूल्य का भुगतान

Sun, 27 Aug 2023 08:44 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 08:44 PM IST
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Lack of resources, how will the committee pay the sugarcane price
गन्ना समिति क्षेत्र में आते हैं 96 हजार किसान, यहां सिर्फ दो ही कर्मचारी तैनात
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संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने नए सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान करने की जिम्मेदारी गन्ना समितियों को सौंपी है। यहां की समिति में सचिव समेत केवल दो स्थायी कर्मचारी हैं। इतने कम संसाधनों में यहां की गन्ना समिति 96 हजार किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कैसे कर पाएगी, सोच से परे है।
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर, डालमिया शुगर मिल निगोही और ललित हरि चीनी मिल पीलीभीत हैं। इन चीनी मिलों के समिति क्षेत्र में 60 गन्ना क्रय केंद्र हैं।
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समिति के कुल 96 हजार सदस्य हैं, जो समिति के माध्यम से क्षेत्रीय चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। अब तक किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान संबंधित चीनी मिलें करती थी। इस बार प्रदेश के मौजूदा गन्ना आयुक्त प्रभुनारायण सिंह ने नए गन्ना सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान करने की जिम्मेदारी गन्ना समिमियों को सौंपी है।
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यहां की गन्ना समितियों में स्थायी स्टॉफ के नाम पर सचिव आरपी कुशवाहा और लिपिक अशोक कुमार ही हैं, जबकि मानक के अनुरूप समिति क्षेत्र की सभी छह चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए छह स्थायी लिपिक होने चाहिए। साथ ही सभी लिपिकों के पास कंप्यूटर सिस्टम होना चाहिए।

यहां की गन्ना समिति में ऐसा कुछ नहीं है। एक मात्र सचिव कैसे 96 हजार किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कर पाएगा, यह समझ से परे है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बात को भलीभांति समझ रहे हैं, लेकिन गन्ना विभाग के प्रदेश के सबसे बड़े अधिकारी का फरमान होने के कारण वे चुप्पी साधे हुए हैं। इस बावत समिति सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि गन्ना आयुक्त के आदेश का पालन करने के लिए कोई न कोई वैकल्पिक तरीका निकाला जाएगा।
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