{"_id":"5e8884268ebc3e6fa621857b","slug":"korona-virus-pilibhit-news-bly401653072","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना अलर्ट: एनसीआर दिल्ली समेत अन्य प्रांतों से आए 7000 लोगों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना अलर्ट: एनसीआर दिल्ली समेत अन्य प्रांतों से आए 7000 लोगों की होगी जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। सीएमओ ने दिल्ली व एनसीआर समेत दूसरे प्रांत और जनपदों से आए 7000 लोगों की फिर स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं। अभी ये सब लोग घरों में ही क्वारंटीन चल रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इनमें से कोई कोरोना संक्रमित तो नहीं हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया था। अगले दिन यूपी सरकार ने पीलीभीत समेत 16 जिलों में लॉकडाउन कर दिया था। फिर पीएम मोदी की घोषणा के बाद पूरे देश को 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन से देश के अलग-अलग प्रांतों और शहरों में मेहनत-मजदूरी करने गए बड़ी संख्या में लोग बाहर फंस गए थे। वहां फैक्ट्री बंद होने और खानपान की समस्या होने पर दूसरे प्रांतों और शहरों में काम करने गए जनपद के हजारों मजदूर अलग-अलग तारीखों में घरों को लौट आए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन सबकी स्क्रीनिंग करने के साथ ही 14 दिन तक घरों में रहने की हिदायत दी थी। इधर, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से आकर होम क्वारंटीन किए गए लोगों का पुन: स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली, एनसीआर, महाराष्ट्र, राजस्थान और आगरा से आए 7000 लोगों की दोबारा जांच की जाएगी। इन सभी को सूचीबद्ध कर इनके स्वास्थ्य संबंधी जांच की जिम्मेदारी आयुष्मान और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में काम करने वाले कर्मचारियों को दी गई है।
विज्ञापन
कोविड:19 के मद्देनजर दूसरे प्रांतों और जनपदों से आए 7000 लोगों का पुन: स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें बना दी गई है। अभी यह सभी होम क्वारंटीन चल रहे हैं। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया था। अगले दिन यूपी सरकार ने पीलीभीत समेत 16 जिलों में लॉकडाउन कर दिया था। फिर पीएम मोदी की घोषणा के बाद पूरे देश को 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन से देश के अलग-अलग प्रांतों और शहरों में मेहनत-मजदूरी करने गए बड़ी संख्या में लोग बाहर फंस गए थे। वहां फैक्ट्री बंद होने और खानपान की समस्या होने पर दूसरे प्रांतों और शहरों में काम करने गए जनपद के हजारों मजदूर अलग-अलग तारीखों में घरों को लौट आए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन सबकी स्क्रीनिंग करने के साथ ही 14 दिन तक घरों में रहने की हिदायत दी थी। इधर, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से आकर होम क्वारंटीन किए गए लोगों का पुन: स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली, एनसीआर, महाराष्ट्र, राजस्थान और आगरा से आए 7000 लोगों की दोबारा जांच की जाएगी। इन सभी को सूचीबद्ध कर इनके स्वास्थ्य संबंधी जांच की जिम्मेदारी आयुष्मान और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में काम करने वाले कर्मचारियों को दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोविड:19 के मद्देनजर दूसरे प्रांतों और जनपदों से आए 7000 लोगों का पुन: स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें बना दी गई है। अभी यह सभी होम क्वारंटीन चल रहे हैं। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ