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कोरोना का खौफ: परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं स्थगित
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पीलीभीत। शासन ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वार्षिक परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इसके चलते बिना परीक्षा के परिषदीय स्कूलों के 1,98,162 बच्चों को पास कर दिया गया। शासन के आदेश के बाद जनपद के 1802 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में दो अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक सरकारी और निजी स्कूलों को दो अप्रैल तक बंद कराने का निर्देश दिया था। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में 23 से 28 मार्च तक कक्षा एक से आठ तक वार्षिक परीक्षाएं होनी थीं। शासनादेश जारी होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में 23 मार्च से होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, प्राइमरी और जूनियर तक सभी बच्चों को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की अनुमति भी दे दी गई है। इसके साथ ही कक्षा एक से आठ तक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, राजकीय और सीबीएसई बोर्ड से संचालित समस्त विद्यालयों में दो अप्रैल तक अवकाश रहेगा। बीएसए ने शासन के आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा सत्र 2019-20 में जनपद के 1802 परिषदीय स्कूलों में 1,98,162 बच्चों का पंजीकरण है। 1231 प्राथमिक विद्यालयों में 1,38,107 और 571 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 60055 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों को 23 मार्च से 28 मार्च तक की वार्षिक परीक्षा में शामिल होना था। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन से परीक्षाएं स्थगित होने के बाद इन क्लासेज के बच्चे बिना परीक्षा दिए ही पिछली परीक्षा पास कर अगली कक्षा में पहुंच गए हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में 23 मार्च से होने वाली वार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। शासन ने सभी पंजीकृत बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने के आदेश दिए गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है।
- देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
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अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक सरकारी और निजी स्कूलों को दो अप्रैल तक बंद कराने का निर्देश दिया था। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में 23 से 28 मार्च तक कक्षा एक से आठ तक वार्षिक परीक्षाएं होनी थीं। शासनादेश जारी होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में 23 मार्च से होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, प्राइमरी और जूनियर तक सभी बच्चों को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की अनुमति भी दे दी गई है। इसके साथ ही कक्षा एक से आठ तक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, राजकीय और सीबीएसई बोर्ड से संचालित समस्त विद्यालयों में दो अप्रैल तक अवकाश रहेगा। बीएसए ने शासन के आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षा सत्र 2019-20 में जनपद के 1802 परिषदीय स्कूलों में 1,98,162 बच्चों का पंजीकरण है। 1231 प्राथमिक विद्यालयों में 1,38,107 और 571 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 60055 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों को 23 मार्च से 28 मार्च तक की वार्षिक परीक्षा में शामिल होना था। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन से परीक्षाएं स्थगित होने के बाद इन क्लासेज के बच्चे बिना परीक्षा दिए ही पिछली परीक्षा पास कर अगली कक्षा में पहुंच गए हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में 23 मार्च से होने वाली वार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। शासन ने सभी पंजीकृत बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने के आदेश दिए गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है।
- देवेंद्र स्वरूप, बीएसए