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कोरोना वायरस: सूचना तंत्र निष्क्रिय, विदेश से लौटने वालों की नहीं हो पा रही स्क्रीनिंग
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पीलीभीत। कोरोना वायरस इस समय दुनिया के 97 देशों में पहुंच चुका है। प्रदेश को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसको लेकर केंद्र और सरकार ने कड़े दिशा निर्देश भी दिए हैं, लेकिन जनपद में सरकार के इन आदेशों को हवा में ही उड़ाया जा रहा है। पिछले सप्ताह कुछ लोग विदेशों से लौटे। सूचना न मिलने से इनकी स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। चार दिन पहले चीन से ही आने वाले युवक का कुछ पता नहीं चल रहा।
इंडो-नेपाल बॉर्डर के समीप होने के चलते जनपद को कोरोना वायरस की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां भी की है। सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ बॉर्डर से सटे 25 गांवों में जागरूक अभियान भी चलाया गया। शासन स्तर से दो बार टीम यहां आकर कोरोना वायरस की तैयारियों का जायजा भी ले चुकी है। शासन से मिली सूची के आधार पर विदेश से लौटे लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ उनकी निगरानी भी जा रही है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने विश्व के किसी भी देश से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए हैं। मगर सरकार के इस आदेश का अफसरों पर खास असर नहीं देखा जा रहा है। सूचना तंत्र की हीलाहवाली से स्वास्थ्य विभाग को सूचनाएं नहीं मिल पा रही है। ऐसे में विदेश से लौटने वालों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। पिछले सप्ताह मलेशिया, रियाद और थाईलैंड जैसे देशों से लोग जनपद आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग को उनकी जानकारी नहीं है। चार दिन पहले एक युवक चीन से लौटा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को उस युवक की खबर भी नहीं है कि वह इस समय कहां है। सूचना प्राप्त न होने से बाहर से लौटने वालों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। इतने संवेदनशील मामले में भी लापरवाही स्वास्थ्य विभाग को मुश्किल में डाल सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग विदेश से लौटे लोगों को अपने स्तर से ट्रेस करने में जुटा है।
चीन से आए युवक के लौटने की बात पता चली है। उसे ट्रेस करने का का प्रयास चल रहा है। टीम को भी सक्रिय किया गया है। विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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इंडो-नेपाल बॉर्डर के समीप होने के चलते जनपद को कोरोना वायरस की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां भी की है। सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ बॉर्डर से सटे 25 गांवों में जागरूक अभियान भी चलाया गया। शासन स्तर से दो बार टीम यहां आकर कोरोना वायरस की तैयारियों का जायजा भी ले चुकी है। शासन से मिली सूची के आधार पर विदेश से लौटे लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ उनकी निगरानी भी जा रही है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने विश्व के किसी भी देश से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए हैं। मगर सरकार के इस आदेश का अफसरों पर खास असर नहीं देखा जा रहा है। सूचना तंत्र की हीलाहवाली से स्वास्थ्य विभाग को सूचनाएं नहीं मिल पा रही है। ऐसे में विदेश से लौटने वालों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। पिछले सप्ताह मलेशिया, रियाद और थाईलैंड जैसे देशों से लोग जनपद आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग को उनकी जानकारी नहीं है। चार दिन पहले एक युवक चीन से लौटा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को उस युवक की खबर भी नहीं है कि वह इस समय कहां है। सूचना प्राप्त न होने से बाहर से लौटने वालों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। इतने संवेदनशील मामले में भी लापरवाही स्वास्थ्य विभाग को मुश्किल में डाल सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग विदेश से लौटे लोगों को अपने स्तर से ट्रेस करने में जुटा है।
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चीन से आए युवक के लौटने की बात पता चली है। उसे ट्रेस करने का का प्रयास चल रहा है। टीम को भी सक्रिय किया गया है। विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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