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धान की बिक्री से पहले किसानों का प्रदर्शन
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पूरनपुर। मंडी समिति में किसानों ने बैठक कर धान खरीद में होने वाली समस्याओं को लेकर विचार किया। भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर एसडीएम को बारह सूत्री ज्ञापन सौंपा। साथ ही धान खरीद शुरू होने से पहले समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि क्रय केंद्र पर किसान से 50 क्विंटल धान की खरीद की बाध्यता बर्दाश्त नहीं होगी। पराली किसान हरहाल में जलाएंगे। बैठक में काले झंडे दिखाने वाले किसानों पर दर्ज हुई रिपोर्ट पर रोष व्यक्त किया गया। कहा गया कि किसान शांतिपूर्वक ढंग से समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। किसानों की ओर से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई। यह सवाल पुलिस से पूछा गया। बैठक में 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम, सीओ से समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
किसानों ने कहा कि धान खरीद के 50 क्विंटल की बाध्यता लगाई गई है। यह गलत है। अगर बाध्यता समाप्त नहीं हुई तब आंदोलन होगा। एसडीएम रामस्वरूप ने वजन की सीमा को लेकर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को भिजवाने का आश्वासन दिया। किसानों ने धान खरीद शुरू होने से पहले समस्याओं का समाधान न होने पर मंडी गेट पर जाम लगाकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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यह मांगें उठाईं
पूरनपुर क्षेत्र में होने पर क्रय केंद्रों की संख्या बढ़वाई जाए
न्याय पंचायत स्तर पर खरीद केंद्र खुलवाए जाएं
कम रेट पर खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में दिखाने के खेल बंद हो
धान की पैदावार का औसत 30 क्विंटल प्रति एकड़ माना जाए
किसान की स्वेच्छा पर उसके बैंक खाते को लिंक कराने की सुविधा मिले
खरीद केंद्रों पर पंजीकरण की व्यवस्था कराई जाए
पराली जलाने पर किसान को परेशान न किया जाए
बटाईदारों के धान की तौल कराई जाए
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अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि क्रय केंद्र पर किसान से 50 क्विंटल धान की खरीद की बाध्यता बर्दाश्त नहीं होगी। पराली किसान हरहाल में जलाएंगे। बैठक में काले झंडे दिखाने वाले किसानों पर दर्ज हुई रिपोर्ट पर रोष व्यक्त किया गया। कहा गया कि किसान शांतिपूर्वक ढंग से समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। किसानों की ओर से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई। यह सवाल पुलिस से पूछा गया। बैठक में 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम, सीओ से समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
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किसानों ने कहा कि धान खरीद के 50 क्विंटल की बाध्यता लगाई गई है। यह गलत है। अगर बाध्यता समाप्त नहीं हुई तब आंदोलन होगा। एसडीएम रामस्वरूप ने वजन की सीमा को लेकर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को भिजवाने का आश्वासन दिया। किसानों ने धान खरीद शुरू होने से पहले समस्याओं का समाधान न होने पर मंडी गेट पर जाम लगाकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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यह मांगें उठाईं
पूरनपुर क्षेत्र में होने पर क्रय केंद्रों की संख्या बढ़वाई जाए
न्याय पंचायत स्तर पर खरीद केंद्र खुलवाए जाएं
कम रेट पर खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में दिखाने के खेल बंद हो
धान की पैदावार का औसत 30 क्विंटल प्रति एकड़ माना जाए
किसान की स्वेच्छा पर उसके बैंक खाते को लिंक कराने की सुविधा मिले
खरीद केंद्रों पर पंजीकरण की व्यवस्था कराई जाए
पराली जलाने पर किसान को परेशान न किया जाए
बटाईदारों के धान की तौल कराई जाए