ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार: रेलवे हब के रूप में विकसित होगा बरेली जंक्शन, यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी; होंगे ये काम
बरेली जंक्शन की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। गति शक्ति योजना के तहत जंक्शन को रेलवे हब के रूप में विकसित किया जाएगा। दिल्ली-लखनऊ के बीच 493 किलोमीटर का मेंटीनेंस कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
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रेल नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए गति शक्ति योजना के तहत देश के 48 स्टेशनों को रेल हब के रूप में विकसित किया जाना है। इनमें बरेली जंक्शन भी शामिल है। परियोजना के तहत जंक्शन की क्षमता दोगुनी की जाएगी। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। दिल्ली-लखनऊ के बीच 493 किलोमीटर का मेंटीनेंस कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस पर ट्रेनें 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। फरवरी में इसके लिए बजट स्वीकृत होने और टोकन मनी जारी होने की उम्मीद है।
बरेली होकर गुजरने वाली मुख्य रेल लाइन उत्तरी-पूर्वी और पश्चिमी-पूर्वी भारत को जोड़ने वाली प्रमुख लाइन है। बीते दो दशक में इस लाइन पर ट्रेनों और यात्रियों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है। इसके मद्देनजर जंक्शन पर 350 करोड़ की लागत से छह नई परियोजनाएं पहले से प्रस्तावित हैं। हालांकि, इन पर अभी काम शुरू नहीं हो सका है। जंक्शन पर अगले पांच साल तक मास्टर प्लान के तहत काम कराए जाएंगे। आसपास के स्टेशनों को भी परियोजना में शामिल किया जाएगा। रेलवे समेत 16 विभाग एकीकृत योजना पर काम करेंगे। रेलवे विकास निगम इसका खाका तैयार कर रहा है।
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ट्रेनों की संख्या और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
बरेली जंक्शन की क्षमता दोगुनी होने के बाद यहां से ज्यादा ट्रेनें मिलेंगी। भीड़ संभालने के लिए चौड़े प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, स्वचालित सीढि़यां आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गैर-उपनगरीय यातायात के तहत एक शहर से दूसरे शहर या लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक्सप्रेस, मेल, वंदे भारत या सुपरफास्ट ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इसके लिए बेहतर प्लेटफॉर्म और टर्मिनल, आरामदायक प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे। मौजूदा समय में जंक्शन पर रोजाना 45 से 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। आने वाले पांच साल में यह संख्या 70 हजार तक पहुंचने का अनुमान है।
तीन श्रेणियों में कराए जाएंगे काम
गति शक्ति परियोजना के तहत जंक्शन पर तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक तीन श्रेणियों में काम कराए जाएंगे। प्रस्तावित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा पहले से तय की जाएगी। जंक्शन पर ट्रेनों को खड़ी करने, साफ-सफाई और तैयार रखने के लिए स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग की व्यवस्था और सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा।
प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन का होगा विस्तार
प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन के विस्तार को भी स्वीकृति मिल गई है। वर्ष 2027 में हरिद्वार अर्धकुंभ से पहले जंक्शन पर कई काम कराए जाएंगे। इनमें एक फुटओवर ब्रिज और प्लेटफाॅर्म नंबर दो व तीन का विस्तार भी शामिल है। इसके लिए बजट भी जारी हो गया है। जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि गति शक्ति परियोजना के तहत बरेली जंक्शन को रेलवे हब के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसकी क्षमता दोगुनी की जाएगी। दिल्ली-लखनऊ के बीच मेंटीनेंस कॉरिडोर भी बनाया जाएगा।