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कोरोना दूसरी बार भी निगल गया पीटीआर का पर्यटन सत्र
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पीलीभीत। पीटीआर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) का दूसरा पर्यटन सत्र भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर एनटीसीए के निर्देश पर एक मई को पीटीआर में पर्यटन सत्र पर रोक लगा दी गई थी। पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त हो जाएगा। यानी अब पर्यटन सत्र में केवल 15 दिन बचे हैं, जिससे दोबारा शुरू होना मुश्किल है। पिछले साल भी कोरोना संक्रमण की वजह से ढाई माह पहले रोक लगा दी गई थी। वन अफसरों के मुताबिक इस साल पर्यटन सत्र बंद रहने से वन विभाग को 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश, विदेशी के सैलानियों का आकर्षण केंद्र बन चुका है। टाइगर रिजर्व का सातवां पर्यटन सत्र इस साल एक नवंबर से शुरू हुआ था। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पिकनिक स्पॉट चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है। चूका बीच की वॉटर हट, थारू हट, अरण्य कुटी, बैंबों हट और ट्री हट सैलानियों को खूब लुभाती हैं। यही वजह रही कि पिछले पांच सालों में वन महकमे की आमदनी कई गुना बढ़ती गई। पीटीआर से जुड़े गाइड, सफारी व जिप्सी चालकों और वन समिति के लोगों को रोजगार मिल जाता।
कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने पर हैदराबाद में शेरों के संक्रमित मिलने के बाद एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के निर्देश पर एक मई से पीटीआर के पर्यटन सत्र पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई, जो अभी जारी है। गाइड लाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र एक नवंबर से 15 जून तक चलता है। चालू पर्यटन सत्र समाप्त होने में मात्र 15 दिन बचे हैं। ऐसे में अब इस पर रोक हटने की संभावनाएं कम हैं। निर्धारित समय से करीब एक माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक लगने से वन विभाग को करीब 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अफसर भी पीटीआर इस सत्र में दोबारा खुलने की बात नहीं कह रहे हैं। पिछले साल कोरोना की वजह से 35-40 लाख का नुकसान हुआ था।
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साढ़े पांच माह मेें कमाए 26.07 लाख
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर से 30 अप्रैल तक 12984 देशी और दो विदेशी सैलानी आए। इस दौरान 26,07205 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी भ्रमण को आए थे और 17,29976 रुपये की आय हुई थी।
एनटीसीए के निर्देश पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन एक मई से अग्रिम आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 15 जून को सातवां पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा। पर्यटन खुलने के संबंध में अभी तक शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। हालात को देखते हुए यह सत्र दोबारा शुरू होने की संभावना कम है। इस बार भी 20 लाख से अधिक के नुकसान की संभावना है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश, विदेशी के सैलानियों का आकर्षण केंद्र बन चुका है। टाइगर रिजर्व का सातवां पर्यटन सत्र इस साल एक नवंबर से शुरू हुआ था। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पिकनिक स्पॉट चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है। चूका बीच की वॉटर हट, थारू हट, अरण्य कुटी, बैंबों हट और ट्री हट सैलानियों को खूब लुभाती हैं। यही वजह रही कि पिछले पांच सालों में वन महकमे की आमदनी कई गुना बढ़ती गई। पीटीआर से जुड़े गाइड, सफारी व जिप्सी चालकों और वन समिति के लोगों को रोजगार मिल जाता।
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कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने पर हैदराबाद में शेरों के संक्रमित मिलने के बाद एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के निर्देश पर एक मई से पीटीआर के पर्यटन सत्र पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई, जो अभी जारी है। गाइड लाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र एक नवंबर से 15 जून तक चलता है। चालू पर्यटन सत्र समाप्त होने में मात्र 15 दिन बचे हैं। ऐसे में अब इस पर रोक हटने की संभावनाएं कम हैं। निर्धारित समय से करीब एक माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक लगने से वन विभाग को करीब 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अफसर भी पीटीआर इस सत्र में दोबारा खुलने की बात नहीं कह रहे हैं। पिछले साल कोरोना की वजह से 35-40 लाख का नुकसान हुआ था।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर से 30 अप्रैल तक 12984 देशी और दो विदेशी सैलानी आए। इस दौरान 26,07205 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी भ्रमण को आए थे और 17,29976 रुपये की आय हुई थी।
एनटीसीए के निर्देश पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन एक मई से अग्रिम आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 15 जून को सातवां पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा। पर्यटन खुलने के संबंध में अभी तक शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। हालात को देखते हुए यह सत्र दोबारा शुरू होने की संभावना कम है। इस बार भी 20 लाख से अधिक के नुकसान की संभावना है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व