फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   jamat

पीलीभीत नहीं, उत्तराखंड के रहने वाले थे तब्लीगी जमात के 13 सदस्य

Sat, 04 Apr 2020 11:53 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2020 11:53 PM IST
विज्ञापन
jamat
पीलीभीत। निजामुद्दीन मरकज दिल्ली में तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले 13 लोग पीलीभीत के नहीं बल्कि उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वे पीलीभीत की ‘जेलर साहब मस्जिद’ में 20 दिन तक ठहरने के बाद दिल्ली गए थे और अब उत्तराखंड में ही क्वारंटीन हैं।
विज्ञापन

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में पीलीभीत के 12 लोगों के शामिल होने की बात सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई थी। पुलिस की प्रारंभिक सूची में 12 सदस्य पीलीभीत के बताकर उनके उत्तराखंड में क्वारंटीन किए जाने की बात कही गई थी। मगर, इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने इस मामले में पड़ताल करने के बाद बताया कि जमात में ये 12 नहीं बल्कि 13 सदस्य थे। वे सब उत्तराखंड के रहने वाले हैं और अब वहीं क्वारंटीन हैं। ये लोग उत्तराखंड के रानीखेत से शुरू होकर अल्मोड़ा, बागेश्वर, थराली, पिथौरागढ़, धारचूला जौलजीवी, पिथौरागढ़, टनकपुर, खटीमा होते हुए 21 जनवरी 2020 को पीलीभीत पहुंचे थे। जमात के सदस्य शहर की जेलर साहब की मस्जिद में 20 दिन तक रुके थे। फिर 14 फरवरी को जमात मुरादाबाद चली गई थी। वहां से कुछ सदस्य उत्तराखंड लौट गए थे, जबकि बाकी निजामुद्दीन दिल्ली मरकज की तब्लीगी जमात में चले गए थे। वर्तमान में नौ सदस्य अल्मोड़ा और चार सदस्यों को उनके गृह जनपद पिथौरागढ़ में क्वारंटीन किया गया है।
विज्ञापन

पहली सूची में सदस्यों के नाम के आगे पीलीभीत लिखा था। इसलिए इन्हें पीलीभीत का निवासी मानकर छानबीन शुरू की गई थी। अब तस्वीर स्पष्ट हो गई है कि सभी सदस्य उत्तराखंड के रहने वाले हैं। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

जमात में शामिल कोई भी सदस्य पीलीभीत का नहीं है। सभी उत्तराखंड के रहने वाले हैं, वहीं के प्रशासन की देखरेख में क्वारंटीन हैं। - मोहम्मद खालिद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
14 से 16 मार्च तक निजामुद्दीन इलाके में गए लोगों को ढूंढना शुरू किया
पीलीभीत। निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल होने वालों के साथ ही उस इलाके में 14 से 16 मार्च के बीच किसी दूसरे काम से गए लोगों की भी छानबीन शुरू कर दी गई है। इसके लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है।

एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि निजामुद्दीन इलाके के मोबाइल टावर से नंबरों की लोकेशन निकलवाई जा रही है। उसी के आधार पर जनपद के लोगों की भी सूची मंगवाई गई है। इसमें तब्लीगी जमात में शामिल होने वालों के अलावा उन लोगों का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जो 14 से 16 मार्च तक उस इलाके से गुजरे और एक दूसरे के संपर्क में आए। अभी हाल ही में 26 लोगों की एक सूची मिली थी। उसे देखने के बाद कुछ सवाल उठे तो उसे दोबारा दिखवाया जा रहा है। इसमें सुधार कराते हुए कई बिंदुओं पर सूची जुटाई जा रही है। नई सूची मिलने के बाद उसमें शामिल लोगों के बारे में कई जानकारी जुटाई जाएगी। यह भी पता लगाएंगे कि सूची में शामिल लोग दिल्ली क्यों गए थे? कहां पर रुके और किससे मिले? वापसी के दौरान कहां रुके? यहां पहुंचने के बाद किससे मिले? उनका अब तक मेडिकल परीक्षण हुआ या नहीं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed