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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Investigation proved false in the story of teenager

किशोरी की कहानी जांच में साबित हुई झूठी

Fri, 26 Aug 2016 11:40 PM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
पीलीभीत, ब्यूरो Updated Fri, 26 Aug 2016 11:40 PM IST
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 रेलवे स्टेशन के बाहर संदिग्ध हालात में मिली किशोरी के परिवारवालों को आखिरकार सुनगढ़ी पुलिस ने तलाश लिया। हाथरस से किशोरी के फूफा रिश्तेदारों के साथ पीलीभीत पहुंचे। पूछताछ में किशोरी को बेचने की कोशिश की कहानी पूरी तरह झूठी निकली। किशोरी जून माह से घर से गायब थी। उसकी गुमशुदगी भी हाथरस पुलिस ने दर्ज कर रखी थी। कानूनी कार्रवाई पूरीकर घरवाले किशोरी को साथ ले गए। उधर, किशोरी बार-बार कहानी बदलती रही। 
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दो दिन पहले सुनगढ़ी पुलिस को रेलवे स्टेशन के बाहर एक 17 वर्षीय किशोरी मिली थी। किशोरी कुरईया क ी एक शराब बेचने वाली महिला द्वारा बेचने की कोशिश करने की बात कह रही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में किशोरी की कहानी बार-बार बदलती रही थी। इसके चलते सच का पता नहीं लग पा रहा था। किशोरी से पूछताछ में उसके फूफा, हाथरस जिले के सैहफऊ थाना क्षेत्र के  खोंडा गांव के निवासी योगेंद्र सिंह का नाम सामने आया। इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने हाथरस पुलिस से संपर्क कर पूरी बात बताई, जिसमें बरामद किशोरी प्रिया पुत्री रामगोपाल की गुमशुदगी दर्ज होने का पता लगा। शुक्रवार को किशोरी के फूफा योगेंद्र सिंह रिश्तेदारों के साथ पीलीभीत आए। किशोरी की पहचान करने के बाद पूरी घटना बताई। उन्होंने बताया कि किशोरी 22 जून को घर से किसी बात पर नाराज होकर चली आई थी। दूसरे ही दिन थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। सभी उसकी तलाश कर रहे थे। किशोरी का पिता रामगोपाल राजस्थान मजदूरी करने गया हुआ है। सुनगढ़ी पुलिस के एसआई राजवीर सिंह ने परिवारवालों से बातचीत क ी। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर उसको परिवारवालों के सुपुर्द कर दिया गया। 
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पिता का नाम और कहानी बताई थी गलत 
किशोरी ने पुलिस पूछताछ के दौरान अपने पिता का नाम विजय बताया था। जबकि रिश्तेदारों के आने के बाद पिता का असली नाम रामगोपाल निकला। इसके अलावा महिला द्वारा उसको बेचने की क ोशिश करने और हरियाणा ले जाने का आरोप भी गलत पाया गया। लापता होने के बाद से वह कहां-कहां रही। इसको लेकर किशोरी ने कोई जानकारी नहीं दी है। 
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मां की मौत के बाद से फूका कर रहे परवरिश
किशोरी के पिता रामगोपाल पहले अलीगढ़ रहा करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कर्ज बढ़ा और उनका मकान बिक गया। मां की काफी पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से किशोरी और उसका भाई शिवकुमार फूफा योगेंद्र सिंह के साथ रह रहे है। दोनों बच्चों की परवरिश फूफा ही कर रहे है। 

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रेलवे स्टेशन पर मिली किशोरी को बेचने की कोशिश का मामला गलत पाया गया है। किशोरी अपने घर से 22 जून को चली गई थी। गुमशुदगी दर्ज कराकर घर वाले आसपास के इलाकों में तलाशते रहे। परिवारवालों के आने पर किशोरी को उनके सुपुर्द कर दिया गया है। 
- अतुल प्रधान, इंस्पेक्टर, सुनगढ़ी
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