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Pilibhit News: पत्रावलियों के मिलने के बाद भी शुरू नहीं हुई जांच
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पीलीभीत। उद्यान विभाग में किसानों को योजनाओं का लाभ देने के नाम पर दस करोड़ रुपये से अधिक धनराशि के हुए घोटाला को लेकर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए थे। आदेश होने के करीब दो माह बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी थी। कारण था कि बाबू ही गायब हो गया था। अधिकारियों का कहना है कि दिवाली के बाद जांच शुरू होगी।
जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार ने 25 सितंबर को मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि उद्यान विभाग में किसानों को योजनाओं का लाभ देने के नाम पर घोटाला किया गया। खेतों में सिंचाई के लिए मशीनें ही नहीं लगीं और 10 करोड़ रुपये का तत्कालीन अधिकारी ने गबन कर लिया। इसके अलावा अन्य कई आरोप लगाए थे।
सीडीओ ने मामले की एआर सहकारिता सहित दो लोगों की जांच कमेटी बनाई थी। जांच के लिए जांच अधिकारियों ने जब पत्रावली मांगी तो बाबू गायब हो गया। डेढ़ माह गुजरने के बावजूद जांच लंबित है। अब जब पत्रावली मिल गई है तो भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में मामला अब एक बार फिर से कुछ दिनों के लिए ठंडा पड़ गया है।
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बताते हैं कि दूसरे जांच अधिकारी की तबीयत ठीक न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी एआर सहकारिता डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया जांच के लिए पत्रावली कार्यालय से मिल गई है। दूसरे जांच अधिकारी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। अब संभावना है कि पर्व के बाद ही जांच शुरू हो सकेगी।
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जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार ने 25 सितंबर को मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि उद्यान विभाग में किसानों को योजनाओं का लाभ देने के नाम पर घोटाला किया गया। खेतों में सिंचाई के लिए मशीनें ही नहीं लगीं और 10 करोड़ रुपये का तत्कालीन अधिकारी ने गबन कर लिया। इसके अलावा अन्य कई आरोप लगाए थे।
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सीडीओ ने मामले की एआर सहकारिता सहित दो लोगों की जांच कमेटी बनाई थी। जांच के लिए जांच अधिकारियों ने जब पत्रावली मांगी तो बाबू गायब हो गया। डेढ़ माह गुजरने के बावजूद जांच लंबित है। अब जब पत्रावली मिल गई है तो भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में मामला अब एक बार फिर से कुछ दिनों के लिए ठंडा पड़ गया है।
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बताते हैं कि दूसरे जांच अधिकारी की तबीयत ठीक न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी एआर सहकारिता डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया जांच के लिए पत्रावली कार्यालय से मिल गई है। दूसरे जांच अधिकारी का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। अब संभावना है कि पर्व के बाद ही जांच शुरू हो सकेगी।