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Pilibhit News: पीलीभीत से भेजी गई अंतरिम रिपोर्ट, एसएलएओ बोले- नहीं मिली
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पीलीभीत। बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे की जद में आने वाली परिसंपत्तियों के अधिक मूल्यांकन के मामले में जांच टीम ने अंतरिम रिपोर्ट बरेली के विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) को भेज दी है। वहीं, बरेली के एसएलएओ ने रिपोर्ट मिलने से इन्कार किया है। जांच टीम को ढांचों की जांच करने में समस्या आ रही है। टीम अब तक सभी ढांचों की जांच नहीं कर पाई है।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूअधिग्रहण में जिन घपलेबाजों के नाम सामने आए थे, उनमें से तीन की संलिप्तता बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे प्रकरण भी में पाई गई है। इसमें लखनऊ की साधना सिंह, बरेली के रामेश्वर दयाल गंगवार और रुद्रपुर के हिमांशु मित्तल शामिल हैं। तीनों ने हाईवे के दायरे में आने वाली भूमि को खरीदकर उन पर ढांचे खड़े किए। तीनों ने अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए सर्वे करने वाली टीम के सामने ढांचों को कई वर्ष पुराना बताया था। हालांकि, मुआवजा वितरित होने से पहले ही मामला खुल गया।
टीम मामले की जांच करने पहुंची तो कई जगह ताले लटकते मिले। कई ढांचों तक पहुंचने के लिए मार्ग खराब था। ऐसे में इन ढांचों का आकलन नहीं हो सका। जिलाधिकारी की चेतावनी पर टीम ने अब तक हुए आकलन की अंतरिम रिपोर्ट एसएलएओ बरेली को भेज दी।
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-- जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है। जिन ढांचों का आकलन कर लिया गया है, उसकी अंतरिम रिपोर्ट एसएलएओ बरेली को भेज दी गई है।
- विजय वर्धन तोमर, एसएलएओ, पीलीभीत
संबंधित प्रकरण में अभी कोई जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- आशीष कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बरेली
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भू अधिग्रहण घोटाला : सदर तहसील क्षेत्र की भेजी रिपोर्ट
एसएलएओ की ओर से बरेली-सितारगंज हाईवे के दायरे में आने वाली भूमि का आकलन कर रिपोर्ट एनएचएआई को भेज दी गई है। अमरिया के 22 और सदर के चार किसानों की भूमि और ढांचों का आकलन नहीं हो पाया था। अब इसका आकलन कर रिपोर्ट एनएचएआई को भेजी गई है। अमरिया के किसानों की भूमि के आकलन का जिम्मा एसडीएम को सौंपा गया है। इसकी रिपोर्ट भी एनएचएआई को भेजी जाएगी।
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बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूअधिग्रहण में जिन घपलेबाजों के नाम सामने आए थे, उनमें से तीन की संलिप्तता बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे प्रकरण भी में पाई गई है। इसमें लखनऊ की साधना सिंह, बरेली के रामेश्वर दयाल गंगवार और रुद्रपुर के हिमांशु मित्तल शामिल हैं। तीनों ने हाईवे के दायरे में आने वाली भूमि को खरीदकर उन पर ढांचे खड़े किए। तीनों ने अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए सर्वे करने वाली टीम के सामने ढांचों को कई वर्ष पुराना बताया था। हालांकि, मुआवजा वितरित होने से पहले ही मामला खुल गया।
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टीम मामले की जांच करने पहुंची तो कई जगह ताले लटकते मिले। कई ढांचों तक पहुंचने के लिए मार्ग खराब था। ऐसे में इन ढांचों का आकलन नहीं हो सका। जिलाधिकारी की चेतावनी पर टीम ने अब तक हुए आकलन की अंतरिम रिपोर्ट एसएलएओ बरेली को भेज दी।
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- विजय वर्धन तोमर, एसएलएओ, पीलीभीत
संबंधित प्रकरण में अभी कोई जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- आशीष कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बरेली
भू अधिग्रहण घोटाला : सदर तहसील क्षेत्र की भेजी रिपोर्ट
एसएलएओ की ओर से बरेली-सितारगंज हाईवे के दायरे में आने वाली भूमि का आकलन कर रिपोर्ट एनएचएआई को भेज दी गई है। अमरिया के 22 और सदर के चार किसानों की भूमि और ढांचों का आकलन नहीं हो पाया था। अब इसका आकलन कर रिपोर्ट एनएचएआई को भेजी गई है। अमरिया के किसानों की भूमि के आकलन का जिम्मा एसडीएम को सौंपा गया है। इसकी रिपोर्ट भी एनएचएआई को भेजी जाएगी।