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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Intensive monitoring of the five diseases , including polio will

पोलियो समेत पांच बीमारियों की होगी गहन मॉनीटरिंग

Wed, 31 Aug 2016 11:35 PM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
पीलीभीत, ब्यूरो Updated Wed, 31 Aug 2016 11:35 PM IST
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जिले में अब पोलियो के साथ साथ चेचक, गलाघोंटू, काली खांसी और नवजात शिशुओं में टिटनेस जैसी बीमारियों की मॉनीटरिंग भी गहनता से होगी। इसके लिए जिले में एक सितंबर से वैक्सीन प्रिवेंटेेबल डिजीज (वीपीडी) सर्विलांस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्तरीय एक्शन ग्रुप का गठन भी कर लिया गया है।
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पोलिया वायरस के खात्मे के बाद चेचक, काली खांसी व नवजात में टिटनेस के केस बहुतायत में मिलने के बाद सरकार ने इन सबको भी गंभीरता से लिया है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग को पोलियो समेत इन पांचों बीमारियों की जिलास्तर पर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिले में एक सितंबर से वैक्सीन प्रिवेंटेेबल डिजीज (वीपीडी) सर्विलांस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले इस प्रोग्राम का खाका भी पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि इस एक्शन प्रोग्राम के जरिए इन पांचों बीमारियों से संबंधित कोई भी केस सामने आता है तो मरीज को इलाज मुहैय्या कराने के साथ ही आसपास के क्षेत्र से भी सैंपल एकत्र किए जाएंगे ताकि इन बीमारियों का पता लगाकर समाधान किया जा सके। इस एक्शन प्लान का ब्लाक स्तर पर भी क्रियान्वयन किया जाएगा।
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जिला स्तरीय एक्शन ग्रुप का गठन
वीपीडी सर्विलांस प्रोग्राम को गति देेने के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एक्शन ग्रुप बनाया जा चुका है। इसमें मेडिकल आफिसर, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, एपिडिममियोलॉजिस्ट, आईएमए व प्राइवेट डॉक्टरों को शामिल किया गया है। यह एक्शन ग्रुप जिले में इससे जुड़ी होने वाली गतिविधियों की मानीटरिंग करेगा।
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डब्ल्यूएचओ भी करेगा मॉनीटरिंग
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी वीपीडी प्रोग्राम की मॉनीटरिंग करेगा। डब्ल्यूएचओ के डॉ. पीवी कौशिक ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की टीम भी ब्लाकवार इन पांचों बीमारियों से जुड़े केस पर नजर रखेगी। इस प्रोग्राम में प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम की भी अहम भूमिका रहेगी। नवजात शिशुओं में टिटनेस के केस को निजी अस्पतालों की मदद से रोका जा सकता है।
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