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अपर निदेशक को पशु चिकित्सालय में सब कुछ ठीक मिला, सीवीओ गायब
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बीसलपुर। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक जीवनदत्त ने गुरुवार को पशु अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवीओ मौजूद नहीं मिले। पशु सेवा केंद्रों के नियमित नहीं खुलने की शिकायत मिलीं। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
अपर निदेशक जीवनदत्त ने गुरुवार को पशु अस्पताल में बीमार पशुओं को देखने, सफाई, दवाओं, अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था का निरीक्षण किया। जरूरी अभिलेख ठीक मिले। निरीक्षण में डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह नहीं मिले। उनका अवकाश प्रार्थना पत्र आया हुआ था। उन्होंने सीवीओ से फोन पर पूछा, जिस पर सीवीओ ने बताया कि डिप्टी सीवीओ अनुमति लेकर अवकाश पर गए हैं। अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गांव जोगीठेर, चंद्रपुरा और बड़ा गांव के पशु अस्पताल नियमित रूप से नहीं खुलते हैं। क्षेत्रीय पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में दिक्कत होती है। अपर निदेशक ने ड्यूटी पर मिले वरिष्ठ फार्मासिस्ट बीडी पाल से अस्पताल के अधीनस्थ रसायाखानपुर, चंद्रपुरा, और चुर्रासकतपुर में चल रहे पशु सेवा केंद्रों के बारे में पूछा। उन्होंने चयनित 15 गांवों में चल रहे मादा पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान योजना से लाभान्वित कराने के अभियान की जानकारी ली। पता चला कि अभियान काफी धीमी गति से चल रहा है। अपर निदेशक ने बीडी पाल से नगर पालिका की गोशाला के बारे में पूछा। गायों का नियमित चेकअप करने के निर्देश दिए।
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अपर निदेशक जीवनदत्त ने गुरुवार को पशु अस्पताल में बीमार पशुओं को देखने, सफाई, दवाओं, अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था का निरीक्षण किया। जरूरी अभिलेख ठीक मिले। निरीक्षण में डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह नहीं मिले। उनका अवकाश प्रार्थना पत्र आया हुआ था। उन्होंने सीवीओ से फोन पर पूछा, जिस पर सीवीओ ने बताया कि डिप्टी सीवीओ अनुमति लेकर अवकाश पर गए हैं। अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गांव जोगीठेर, चंद्रपुरा और बड़ा गांव के पशु अस्पताल नियमित रूप से नहीं खुलते हैं। क्षेत्रीय पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में दिक्कत होती है। अपर निदेशक ने ड्यूटी पर मिले वरिष्ठ फार्मासिस्ट बीडी पाल से अस्पताल के अधीनस्थ रसायाखानपुर, चंद्रपुरा, और चुर्रासकतपुर में चल रहे पशु सेवा केंद्रों के बारे में पूछा। उन्होंने चयनित 15 गांवों में चल रहे मादा पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान योजना से लाभान्वित कराने के अभियान की जानकारी ली। पता चला कि अभियान काफी धीमी गति से चल रहा है। अपर निदेशक ने बीडी पाल से नगर पालिका की गोशाला के बारे में पूछा। गायों का नियमित चेकअप करने के निर्देश दिए।
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