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खनन मामला: बीसलपुर विधायक 13 फरवरी को मुख्यमंत्री से फिर करेंगे शिकायत
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पीलीभीत। बीसलपुर के भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि अवैध खनन मामले में उनके मुख्यमंत्री से मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई में कुछ तेजी दिखाई है। कई लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। एफआईअर दर्ज की गईं हैं। मगर वह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। वह 13 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में फिर मुलाकात करेंगे।
विधायक ने कहा कि प्रशासन ने अवैध रुप से खनन निकासी करने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर अपनी गलती मान ली है। मगर इस मामले में उन गांव के प्रधानों पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, जिन गांवों में अनाधिकृत रूप से खनन निकासी की जा रही है। प्रधान की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने गांव में अवैध खनन निकासी की सूचना प्रशासन को दे। प्रशासन को भी प्रधानों पर कार्रवाई करनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अवैध खनन के मामले में कार्रवाई के लिए वह शासन से लेकर विधानसभा और न्यायालय तक जाना छोडेंगे नहीं। इस मामले में आरपार की लड़ाई जारी रहेगी। दूसरी ओर सदर तहसील के खनन पट्टेदार अनिल अग्रवाल ने बताया कि वह अपने ऊपर लगाए गए जुर्माने को गलत मानते हैं। क्योंकि प्रशासन ने उतने इलाके में खनन करने की अनुमति नहीं दी, जितने इलाके का उनको पट्टा हुआ था। राजस्व टीम ने उनके खनन क्षेत्र की पैमाइश तक नहीं की। आज सोमवार को प्रमुख सचिव खनन से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। अगर उनकी बात सही से नहीं सुनी गई तो मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
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विधायक ने कहा कि प्रशासन ने अवैध रुप से खनन निकासी करने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर अपनी गलती मान ली है। मगर इस मामले में उन गांव के प्रधानों पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, जिन गांवों में अनाधिकृत रूप से खनन निकासी की जा रही है। प्रधान की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने गांव में अवैध खनन निकासी की सूचना प्रशासन को दे। प्रशासन को भी प्रधानों पर कार्रवाई करनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अवैध खनन के मामले में कार्रवाई के लिए वह शासन से लेकर विधानसभा और न्यायालय तक जाना छोडेंगे नहीं। इस मामले में आरपार की लड़ाई जारी रहेगी। दूसरी ओर सदर तहसील के खनन पट्टेदार अनिल अग्रवाल ने बताया कि वह अपने ऊपर लगाए गए जुर्माने को गलत मानते हैं। क्योंकि प्रशासन ने उतने इलाके में खनन करने की अनुमति नहीं दी, जितने इलाके का उनको पट्टा हुआ था। राजस्व टीम ने उनके खनन क्षेत्र की पैमाइश तक नहीं की। आज सोमवार को प्रमुख सचिव खनन से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। अगर उनकी बात सही से नहीं सुनी गई तो मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
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