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Pilibhit: घोटाले के आरोपी से जुड़े 38 बैंक खातों में 3.87 करोड़ फ्रीज, पुलिस की जांच तेज, जद में आएंगे करीबी

Mon, 06 Apr 2026 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: बरेली ब्यूरो Updated Mon, 06 Apr 2026 12:58 AM IST
सार

पीलीभीत के डीआईओएस कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घोटाले के आरोपी इलहाम शम्सी की ओर से 38 खातों में भेजी गई 3.87 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज करा दी गई है। आरोपी के करीबी भी जांच की जद में आ सकते हैं। 

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Ilham Shamsi's troubles will increase further close associates will come to JD
आरोपी इलहाम शम्सी - फोटो : संवाद

विस्तार

पीलीभीत के डीआईओएस कार्यालय के करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। आरोपी इलहाम शम्सी की ओर से 38 खातों में भेजी गई 3.87 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज करा दी है। आरोपी ने बरेली की दो होम प्लानिंग कंपनी में भी एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था। 38 खातों में धनराशि फ्रीज करने के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। इससे आरोपी के करीबियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उधर, गैंगस्टर की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि खातों के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कराई जा रही है। 

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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में नियम विरुद्ध संबद्ध चपरासी इलहाम शम्सी ने करोड़ों रुपये के लेनदेन का खेल खेला। करीब आठ वर्षों से चल रहे इस खेल का खुलासा करीब दो माह पूर्व हुआ, जब आरोपी इलहाम की पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ का लेनदेन पाया गया। डीएम के निर्देश पर आनन-फानन रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अर्शी खातून को तो गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इलहाम शम्सी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। अब पुलिस ने इलहाम की ओर से 38 खातों में भेजी गई धनराशि फ्रीज कराई है।
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आरोपी ने 38 खातों में किया था लेनदेन
पुलिस के अनुसार, मामले में जांच को आगे बढ़ाया गया। इसमें पाया गया कि निलंबित चपरासी 38 खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किया था। खातों को चिह्नित किया गया। इसके बाद इन खातों में 3.87 करोड़ की धनराशि को फ्रीज कराया गया। मामले की विवेचना चार सदस्य टीम कर रही है। अधिकारी लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
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आरोपी चपरासी इलहाम ने अपने और अपनी पत्नी के खाते से जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 90 लाख रुपये और ओरिका होम्स विल्डर बरेली के खाते में 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। पुलिस ने रकम से छेड़छाड़ न  करने के लिए संबंधित को नोटिस जारी किए हैं। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले में चार सदस्यीय टीम विवेचना में जुटी है।  हर पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही जांच की जा रही है। मामले की तह तक जाने का प्रयास जारी है। 

कौन है 38 खाताधारक
पुलिस ने खाताधारकों को ट्रेस भी कर लिया है, लेकिन अभी खाताधारकों के बारे में जानकारी उजागर नहीं की गई है, जबकि जांच में यह खाताधारकों के नाम सामने आ गए होंगे। ऐसे में अभी इसका भेद खुलना भी बाकी है।

रिश्तेदारों के खातों में भी भेजी रकम
घोटाला का खुलासा होने के बाद यह बात भी सामने आई कि आरोपी की एक नहीं बल्कि तीन अन्य पत्नियां भी हैं। इलहाम ने सभी के खातों में अच्छी खासी धनराशि भेजी है। यही नहीं उसने अपने रिश्तेदारों के खातों में भी सरकारी धनराशि भेजी थी।

बरेली से जुड़ी इन फर्मों में किया दंपती ने निवेश
आरोपी चपरासी इलहाम ने अपने और अपनी पत्नी के खाते से बरेली की जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड फर्म के खाते में 90 लाख रुपये और बरेली में काम कर रही दिल्ली की फर्म ओरिका होम्स बिल्डर बरेली के खाते में 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। पुलिस ने दोनों फर्म के संबंधित जिम्मेदारों को रकम से छेड़छाड़ न करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।

हर पहलू पर हो रही जांच
कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि चार सदस्यीय टीम विवेचना में जुटी है। हर पहलू पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ कर ये भी पता लगाया जाएगा कि वास्तव में वह किसकी रकम को ठिकाने लगा रहे थे।

जल्द आ सकती है शासन से गठित टीम
इस मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के पत्राचार के बाद शासन स्तर से तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी टीम अभी तक जिले में नहीं पहुंच सकी है। ऐसा माना जा रहा था वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद टीम के सदस्य कार्य में जुटे होंगे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि टीम जल्द ही जांच के लिए आ सकती है।
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