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भारी डिस्काउंट के लालच में फंसे तो कट सकती है जेब

Tue, 31 May 2022 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 01:26 AM IST
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If you get caught in the greed of discount, then your pocket can be cut.
पीलीभीत। आपके मोबाइल या ई-मेल पर अक्सर ई-कामर्स वेबसाइट के बंपर ऑफर वाले संदेश आते होंगे। इन वेबसाइट पर तमाम उत्पादों के बारे में बहुत अच्छा-अच्छा लिखा हुआ भी मिल जाता है। जिसको पढ़कर आप खरीदारी का मन बना लेते हैं। अगर आंख बंद करके आप सिर्फ इन समीक्षा पर भरोसा कर खरीदारी कर रहें तो आपको चूना भी लग सकता है। ऐसे में जागरूक बनें, सरकार द्वारा जारी सर्टिफिकेट जैसे आईएसआई मार्क, आईएसओ मार्क जरूर देख लें।
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स्मार्टफोन के बढ़ते चलन के साथ छोटे कस्बों और गांव में भी ऑनलाइन खरीदारी का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। ई-कॉमर्स साइट से जुड़ी कपंनियां भी गांव-गांव उत्पाद की डिलिवरी पहुंचा रही हैं। जागरूकता की कमी के कारण तमाम लोग फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं। फर्जी समीक्षाएं पढ़कर और भारी डिस्काउंट के लालच वह ऐसे उत्पाद खरीद लेते जो उस गुणवत्ता के नहीं हैं, जो उसे बताए गए हैं।
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खरीदारी के बाद इसका एहसास होता है। जिले में तमाम केस भी सामने आ चुके हैं। जिसमें उत्पाद की गुणवत्ता खराब मिली। अब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ऑनलाइन साइट पर उत्पाद संबंधी फर्जी समीक्षाओं पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि मंत्रालय ने 223 प्रमुख वेबसाइटों की समीक्षा की थी। इसमें 55 फीसदी वेबसाइट यूरोपीय संघ द्वारा तय मानकों का उल्लंघन करती पाईं गईं।
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केस एक- शहर के रहने वाले विनीत के ई-मेल और व्हाट्सएप पर कुछ नामचीन ई-कामर्स वेबसाइट के बंपर सेल ऑफर आते हैं। कुछ उत्पाद 60 से 80 फीसदी डिस्काउंट पर दिखाए जा रहे थे। दिए गए लिंक के माध्यम से जब वह खरीदारी को पहुंचा तो उसने उत्पाद संबंधी समीक्षा पढ़ी। तसल्ली होने के बाद उसने इलेक्ट्रॉनिक सेविंग मशीन खरीदी। 82 फीसदी डिस्काउंट मिला। एक महीने बाद मशीन खराब हो गई।
केस दो- पूरनपुर के रहने वाले मोहम्मद नवी ने कुछ माह पूर्व एक ब्रांडेड कंपनी के जूते खरीदे थे। खरीद पर उनको 48 फीसदी की छूट मिली। उन्होंने तमाम रिव्यू पढ़े। कुछ अन्य वेबसाइट पर कीमत चेक की। उसके बाद खरीदने का निर्णय लिया। कुछ दिन पहले उनका एक जूता नीचे से उखड़ गया। उनका कहना है रिव्यू अच्छा था इसलिए खरीदा था। अब उनका 1800 सौ रुपये का नुकसान हो गया।
90 फीसदी समीक्षा फर्जी होती हैं फर्जी
साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल का कहना है कि ई-कासर्म वेबसाइट पर मिलने वाली समीक्षाएं 90 फीसदी फर्जी होती हैं। ग्राहक इनको पढ़कर उत्पाद पर भरोसा कर लेता है। कई बार ऐसे रिव्यू मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाते हैं जिनको पढ़कर लोग खरीदारी करने का मन बना लेते हैं। इसमें साइबर ठगी भी हो सकती है। मेल पर आए लिंक के माध्यम से आप फर्जी वेबसाइट तक पहुंच जाते हैं। कई बार क्लोन वेबसाइट पर ग्राहक पहुंच जाते हैं जो बैंक की जानकारी लेकर खाते या डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाल लिए जाते हैं। तो इसलिए सिर्फ रिव्यू पढ़कर किसी वेबसाइट पर खरीदारी न करें। संबंधित उत्पाद की कंपनी की वेबसाइट से भी चेक करें। उत्पाद पर आईएसआई या आईएसओ मार्क जरूर देखें। अगर उत्पाद ठीक नहीं निकलता तो संबंधित वेबसाइट पर शिकायत जरूर दर्ज कराएं।आप उपभोक्ता फोरम भी जा सकते हैं।

पुराना सामान में होता ज्यादा फर्जीवाड़ा
डिप्टी एसपी ज्योति यादव का कहना है कि ऑनलाइन खरीद में फर्जीवाड़े के कई केस आते हैं। पिछले दिनों ही पुराना सामान बेचने वाली एक ई-कामर्स साइट की शिकायतें मिली थी। कुछ लोग पुराना वाहना बेचने के नाम पर चोरी का सामान बेच देते हैं। कई बार जिस सामान का पैसा लिया जाता है वो दिया ही नहीं जाता। लोगों के लिए जरूरी है कि जो भी ऑनलाइन खरीदारी करें जागरूक होकर करें। सिर्फ समीक्षा पढ़कर खरीदारी न करें। एक बार संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर उसकी कीमत जरूर चेक कर लें। अगर फर्जीवाड़े का शिकार हो गए हैं तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
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