Ayushman Card : आयुष्मान कार्ड नहीं है तो बनवा लीजिए... इसके बिना अगली बार राशन नहीं मिलेगा
विभागीय अधिकारियों की ओर से सभी राशन दुकानदारों को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें। अगली बार राशन की दुकान पर आयुष्मान कार्ड भी दिखाना होगा।
विस्तार
अगली बार तक परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड भी बनवा लेना वरना राशन नहीं देंगे। पीलीभीत जिले में आजकल प्रत्येक राशन कार्डधारक से राशन दुकानदार यही कह रहे हैं। दरअसल विभागीय अधिकारियों की ओर से सभी राशन दुकानदारों को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें।
जिले के सभी विकासखंडों में कुल 879 सरकारी राशन की दुकानें हैं। इन सभी दुकानों पर जून के महीने का राशन बांटा जा रहा है। जिले में कुल 332000 हजार राशन कार्डधारक हैं। जिनमें से 36658 के पास अंत्योदय कार्ड है। विगत दिनों स्वास्थ्य विभाग ने एक सर्वे कराया था। जिसमें सामने आया कि अधिकतर अंत्योदय कार्डधारकों ने आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है।
ये भी पढ़ें- UP: दूसरे समुदाय के कारोबारी संग लिव इन में रह रही थी महिला दरोगा, अब करेंगी कोर्ट मैरिज, अचानक दोनों लापता
इसको लेकर कुछ दिन पहले अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। जिसमें जिलापूर्ति अधिकारी विकास कुमार को निर्देशित किया गया कि वह सरकारी राशन दुकानदारों के माध्यम से इसकी जानकारी मंगवा लें। इसपर यह आदेश जिले के सभी राशन दुकानदारों को दिए गए।
कोटेदार न सिर्फ डाटा एकत्र कर रहे हैं बल्कि राशन कार्डधारकों से भी कह रहे हैं कि यदि अगली बार तक परिवार के सभी सदस्य जिनका नाम सूची में है, का आयुष्मान कार्ड नहीं बना तो राशन नहीं मिल पाएगा। इसका असर दिखने लगा है।
जिला अस्पताल में दिखा रुझान
अमरिया विकासखंड के टोडरपुर एहतमाली गांव के रहने वाले सरोज मित्रा अपने पूरे परिवार के साथ आयुष्मान कार्ड बनवाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह राशन लेने के लिए सरकारी राशन की दुकान पर गए थे। दुकानदार नीलकमल विश्वास ने उनसे कहा इस बार तो राशन दे दिया लेकिन अगली बार यदि परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना तो राशन नहीं मिलेगा।
दुकानदारों को दिए गए निर्देश
जिलापूर्ति अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि राशन दुकानदारों को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे राशन कार्डधारकों का डाटा उपलब्ध कराएं, जिन्होंने आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाए है। इसके अलावा लोगों को प्रेरित भी करें। यदि राशन दुकानदार ऐसा नहीं कहेंगे तो इसी प्रकार लापरवाही होती रहेगी।