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Pilibhit News: सुबह-शाम यज्ञ करें तो शुद्ध होगा पर्यावरण
Sat, 08 Jul 2023 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 08 Jul 2023 11:41 PM IST
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बीसलपुर आर्य समाज भवन में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते आर्य समाज विद्वान विमल देव।
बीसलपुर। बहेड़ी से आए आर्यसमाज विद्वान विमल देव अग्निहोत्री ने कहा कि अगर सभी लोग सुबह-शाम यज्ञ करें तो पर्यावरण प्रदूषण की कोई समस्या ही नहीं रहेगी। वातावरण स्वत: शुद्ध हो जाएगा।
विमल देव शनिवार से यहां आर्यसमाज भवन मेंं शुरू हुए दो दिवसीय वार्षिक वैदिक सम्मेलन के पहले दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यज्ञ जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यज्ञ से मन और वातावरण शुद्ध होता है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण भी समय-समय पर यज्ञ करते थे।
बिजनौर से पधारे आर्यसमाज विद्वान कुलदीप वेदार्थी ने कहा कि मानव जीवन के कल्याण के लिए आध्यात्म बहुत जरूरी है। प्रभु की उपासना ही जीवन का मुख्य लक्ष्य है। परमपिता परमात्मा को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए। वेदों के आधार पर जीवन यापन करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्यसमाज के प्रधान मोहन स्वरूप गंगवार और संचालन जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने किया। प्रवचन से पहले चतुर्वेद पारायण यज्ञ हुआ।
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विमल देव शनिवार से यहां आर्यसमाज भवन मेंं शुरू हुए दो दिवसीय वार्षिक वैदिक सम्मेलन के पहले दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यज्ञ जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यज्ञ से मन और वातावरण शुद्ध होता है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण भी समय-समय पर यज्ञ करते थे।
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बिजनौर से पधारे आर्यसमाज विद्वान कुलदीप वेदार्थी ने कहा कि मानव जीवन के कल्याण के लिए आध्यात्म बहुत जरूरी है। प्रभु की उपासना ही जीवन का मुख्य लक्ष्य है। परमपिता परमात्मा को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए। वेदों के आधार पर जीवन यापन करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्यसमाज के प्रधान मोहन स्वरूप गंगवार और संचालन जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने किया। प्रवचन से पहले चतुर्वेद पारायण यज्ञ हुआ।

बीसलपुर आर्य समाज भवन में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते आर्य समाज विद्वान विमल देव।
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