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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Identification of cannibals / tigers on the fourth day

चौथे दिन भी नहीं हुई नरभक्षी बाघ की पहचान

Fri, 23 Jun 2017 10:38 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Fri, 23 Jun 2017 10:38 PM IST
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 शिवपुरिया के मिहीलाल को मौत के घाट उतारने वाले बाघ की पहचान चौथे दिन भी नहीं हो सकी है। वहीं लगाए गए कैमरों में एक से अधिक बाघ दिखाई देने की चर्चा से क्षेत्र में दहशत है। उधर अमरिया क्षेत्र में खेतों में बाघ को देख धान की रोपाई कर रहे किसान घबराकर भाग गए। 20 जून को न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव शिवपुरिया निवासी मिहीलाल पर बाघ ने हमला कर उस समय मार डाला था जब वह घर से करीब एक किमी दूर सरदूल सिंह के गन्ने के खेत में घास काट रहा था। घटना के बाद हमलावर बाघ को लेकर कई चर्चाएं थी। कोई जंगल में घायल घूम रहे बाघ द्वारा हमला करने की बात कह रहा था तो कुछ लोगों ने मिहीलाल के शव के पास दो शावकों को देखने की बात की थी। घटना के दूसरे दिन मुख्य वन संरक्षक एवं दुधवा नेशनल पार्क के डायरेक्टर सुनील चौधरी एवं वन संरक्षक वीके सिंह हमलावर की पहचान और क्षेत्र की निगरानी के लिए कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के निर्देश पर जंगल के अंदर और घटना स्थल के आसपास करीब एक दर्जन से अधिक कैमरे लगाए गए थे। अब तक हमलावर बाघ की पहचान नहीं हो सकी है। बाघ की पहचान न होने से वन विभाग यह भी पता नहीं लगा पा रहा है कि मिहीलाल पर हमला करने वाला बाघ दो दिन पूर्व केवल प्रसाद पर हमला करने वाला बाघ ही है या कोई दूसरा। सूत्रों की मानें तो कैमरों में अब तक कोई शावक का फोटो नहीं आया है लेकिन अब तक आए फोटो में एक से अधिक बाघ होने की संभावनाएं प्रतीत हो रही हैं। ऐसे में यदि बाघ की समय रहते पहचान कर जंगल में न खदेड़ा गया तो मुश्किल और बढ़ सकती है।
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