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श्रमदान करके तीस दिन में ड्रमंड कॉलेज के मैदान की तस्वीर बदलेंगे युवा
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पीलीभीत। तीस दिन तक हर रोज आधा घंटे श्रमदान करके 100 युवा ड्रमंड कॉलेज के मैदान की तस्वीर बदलेंगे। मैदान को खेल और पुलिस, सेना और अधसैनिक बलों में भर्ती की तैयारी के लिए यूपी का सबसे अच्छा मैदान बनाया जाना है। इसके लिए श्रमदान की शुरुआत हो गई।
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के साथ शनिवार को खुद श्रमदान किया। श्रमदान से मैदान और अपने क्षेत्र को चमकाने तथा खुद के साथ समाज को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई। मैदान को चार हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 25-25 युवाओं की चार टीमें एक महीने तक श्रमदान करेंगी। प्रति सप्ताह जिला विद्यालय निरीक्षक आएंगे। डीएम ने कहा कि वे मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आ रहे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रत्येक शनिवार को कॉलेज आते हैं। मैदान के जिस हिस्से में सबसे बेहतर काम होगा, उसके विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनके सपने पूछे और उन्हें साकार करने का सूत्र दिया। बोले-अगर आप ठान लेते हैं और जुट जाते हैं तो सफलता आपके कदम चूम लेती है। दर्शिका शर्मा, सुलोचना देवी, विक्रांत सिंह, गौरव कुमार, यशपाल सिंह, नितिन कुमार ने अपने सवाल पूछे और उन्हें उनके जवाब भी मिले।
डीआईओएस गिरजेश कुमार चौधरी ने कहा- प्रत्येक कॉलेज के मैदान को ठीक किया जाना है। शहर के दो डिग्री कॉलेज और पांच इंटर कॉलेजों के लिए 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद जिले के सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के मैदान श्रमदान से विकसित किए जाएंगे। अगर मैदान के विकास के लिए कहीं पर कोई काम कराया जाना है तो उसे प्रबंध समिति, कॉलेज प्रधानाचार्य कराएंगे।
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मैं राष्ट्रीय स्तर की एथलीट बनना चाहती हूं। अपने सपने को साकार करने के लिए अपनी टीम के साथ श्रमदान करके संवारूंगी। -प्रियांशी राठौर
मैं आर्मी में जाना चाहती हूं। मैदान की कमी अखरती थी लेकिन अब श्रमदान और कॉलेज प्रशासन के सहयोग से यह मैदान संवर जाएगा। -पूनम पासवान
निशुल्क अभ्यास के लिए कोच को मिली सराहना
आर्मी और अर्धसैनिक बलों के लिए मैदान में अभ्यास कराने के साथ ट्रेनिंग देने के लिए कोच देवेंद्र मौर्य और सतीश शर्मा की सराहना की गई। विद्यार्थियों और इनके कोच ने मैदान में गड्ढे होने का मुद्दा उठाया। आर्मी की तैयारी के लिए बीम बनवाने, मैदान को समतल कराने समेत कई मुद्दे उठाए गए। एक ज्ञापन डीएम को दिया। डीएम ने कहा कि वे इन समस्याओं का समाधान कराएंगे।
युवाओं की टोलियां ऐसी जागरूकता दिखाएं, जिससे इस मैैदान के बाद गांव भी साफ और स्वच्छ नजर आएं। अगर युवा अपनी टोली बना कर गांव को साफ और स्वच्छ बनाए रखने के संकल्प लेते हैं तो बदलाव वहां भी नजर आएगा। जो पढ़लिखकर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का विकल्प सामने है। डीआईओएस ऑफिस में लाइब्रेरी है उसका भी इस्तेमाल करें। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी पुलकित खरे ने खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के साथ शनिवार को खुद श्रमदान किया। श्रमदान से मैदान और अपने क्षेत्र को चमकाने तथा खुद के साथ समाज को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई। मैदान को चार हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 25-25 युवाओं की चार टीमें एक महीने तक श्रमदान करेंगी। प्रति सप्ताह जिला विद्यालय निरीक्षक आएंगे। डीएम ने कहा कि वे मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आ रहे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रत्येक शनिवार को कॉलेज आते हैं। मैदान के जिस हिस्से में सबसे बेहतर काम होगा, उसके विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से संवाद कर उनके सपने पूछे और उन्हें साकार करने का सूत्र दिया। बोले-अगर आप ठान लेते हैं और जुट जाते हैं तो सफलता आपके कदम चूम लेती है। दर्शिका शर्मा, सुलोचना देवी, विक्रांत सिंह, गौरव कुमार, यशपाल सिंह, नितिन कुमार ने अपने सवाल पूछे और उन्हें उनके जवाब भी मिले।
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डीआईओएस गिरजेश कुमार चौधरी ने कहा- प्रत्येक कॉलेज के मैदान को ठीक किया जाना है। शहर के दो डिग्री कॉलेज और पांच इंटर कॉलेजों के लिए 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद जिले के सभी इंटर और डिग्री कॉलेजों के मैदान श्रमदान से विकसित किए जाएंगे। अगर मैदान के विकास के लिए कहीं पर कोई काम कराया जाना है तो उसे प्रबंध समिति, कॉलेज प्रधानाचार्य कराएंगे।
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मैं राष्ट्रीय स्तर की एथलीट बनना चाहती हूं। अपने सपने को साकार करने के लिए अपनी टीम के साथ श्रमदान करके संवारूंगी। -प्रियांशी राठौर
मैं आर्मी में जाना चाहती हूं। मैदान की कमी अखरती थी लेकिन अब श्रमदान और कॉलेज प्रशासन के सहयोग से यह मैदान संवर जाएगा। -पूनम पासवान
निशुल्क अभ्यास के लिए कोच को मिली सराहना
आर्मी और अर्धसैनिक बलों के लिए मैदान में अभ्यास कराने के साथ ट्रेनिंग देने के लिए कोच देवेंद्र मौर्य और सतीश शर्मा की सराहना की गई। विद्यार्थियों और इनके कोच ने मैदान में गड्ढे होने का मुद्दा उठाया। आर्मी की तैयारी के लिए बीम बनवाने, मैदान को समतल कराने समेत कई मुद्दे उठाए गए। एक ज्ञापन डीएम को दिया। डीएम ने कहा कि वे इन समस्याओं का समाधान कराएंगे।
युवाओं की टोलियां ऐसी जागरूकता दिखाएं, जिससे इस मैैदान के बाद गांव भी साफ और स्वच्छ नजर आएं। अगर युवा अपनी टोली बना कर गांव को साफ और स्वच्छ बनाए रखने के संकल्प लेते हैं तो बदलाव वहां भी नजर आएगा। जो पढ़लिखकर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का विकल्प सामने है। डीआईओएस ऑफिस में लाइब्रेरी है उसका भी इस्तेमाल करें। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी